पेट, वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी
शामली। शादी-विवाह के सीजन में दावतों का दौर चल रहा है। एक ही दिन में लोगों को कई दावतों में जाना पड़ रहा है। ऐसे में खान-पान में जरा सी लापरवाही सेहत बिगाड़ सकती है। इसलिए खान-पान में सावधानी बरतने की जरूरत है। अस्पताल में पेट और वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। डाक्टरों का भी मानना है कि शादी-विवाह में खानपान में सावधानी न बरते जाने से इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
शु्क्रवार को सीएचसी शामली में करीब 700 नए मरीज आए जबकि करीब 250 मरीज पुरानी पर्ची पर उपचार कराने आए। चिकित्सकों के अुनसार अधिकतर मरीज नजला, जुकाम, खांसी और वायरल बुखार आदि के हैं। पेट संबंधी रोगों से पीड़ित मरीज भी आ रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि शादी-विवाह की दावतों में अक्सर गरम, ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन करने में लापरवाही बरती जाती है। कुछ स्थानों पर साफ-सफाई भी समुचित नहीं होती। देर रात तक जागने से वायरस संक्रमित रोग नजला, जुकाम, खांसी, गला खराब, बुखार आदि होने की संभावना रहती है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।
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बचाव एवं सावधानी।
संतुलित और हल्के भोजन का सेवन करें।
दूषित पानी पीने से बचे।
ठंडी चीज या ठंडे पेय पदार्थ का सेवन न करें।
ज्यादा मसाले युक्त, अधिक तेल घी से बने खाद्य पदार्थों का परहेज करें।
साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
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कोट
दो दिन पहले मैं दावत में गए थे, तब से नजला, जुकाम और बुखार है।अस्पताल में दिखाया है।डाक्टर ने दवा दी है।
-यासीन, फतेहपुर।
रात के समय काम के सिलसिले में अक्सर बाहर जाना पड़ता है। रात में ठंड लगने से खांसी और नजले की शिकायत होने पर अस्पताल में डाक्टर को दिखाया है। डाक्टर ने दवा लिखी है।
- लव कुमार, बनत।
कई दिन से खांसी और कान में खुजली हो रही है। अस्पताल में डाक्टर को दिखाकर दवा ली है।
- मोनिका, कसेरवा।
शादी-विवाह की दावतों में खान-पान में सावधानी बरतें और संतुलित भोजन ले। अगर खान-पान में लापरवाही बरती गई तो पेट संबंधी रोग डायरिया, हैजा, पेट में कीड़े एस्केयरिस, हुकवर्म के अलावा टायफाइड बुखार आदि होने की संभावना रहती है। इसके साथ ही वायरल संक्रमण होने से नजला, जुकाम, खांसी, गला खराब होने की संभावना रहती है। 100 मरीजों में 50 से अधिक वायरल संक्रमण और पेट संबंधी बीमारी से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। अस्पताल में पेट और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
- डा. विजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधिकारी सीएचसी।
50 मरीजों में करीब 20 मरीज नजला, जुकाम, खांसी और वायरल बुखार के आए हैं। गलत खान-पान और बदलते मौसम में कपड़े आदि पहनने में लापरवाही बरतने की वजह से इन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शादी-विवाह की दावतों में भी संतुलित भोजन करना चाहिए।
- डा. सुहैल हसन, चिकित्साधिकारी, सीएचसी।
कोट
दूषित पानी, ज्यादा तला भुना खाने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसलिए शादी विवाह हो या घर पर हो ताजा बना हुआ और संतुलित भोजन करना चाहिए। -डा. संजय भटनागर, सीएमओ।