कैराना। नोट बंदी के ग्यारहवें दिन भी कस्बे के सभी बैंकों पर नोट बदलने व खातों में रुपये जमा कराने वालों की मारामारी रही। महिलाएं अपने छोटे छोटे बच्चों को गोद में लेकर सुबह चार बजे से लाइन में लग गईं। वहीं लोग लाइन में ही बैठ कर ही चाय नाश्ता कर रहे हैं।
सरकार द्वारा नोट बंदी की घोषणा के बाद हर रोज महिलाएं व पुरुष बैंकों के बाहर लाइन में लगकर नोट बदल रहे हैं। अपने खातों में रुपये जमा करा रहे हैं। भीड़ का आलम यह है कि बैंक तो अपने समय पर 10 बजे ही खुलते हैं, जबकि छोटे-छोटे मासूम बच्चों को गोद में लेकर महिलाएं सुबह 4 बजे से ही लाइन में लग जाती हैं।
आईसीआईसीआई बैंक के बाहर सुबह 6 बजे कई युवक लाइन में नीचे जमीन पर बैठ की चाय नाश्ता किया। इसके अलावा कुछ महिलाएं ठंड से बचने के लिए अपने साथ कंबल लेकर आयी थी। यही हाल पीएनबी का भी देखने को मिला जहां पर काफी युवक लाइन में सड़क पर चादर डाल कर बैठे रहे।
नदीम, आरिफ, लाल्ला, विकास, लक्की, राकेश, सुधीर, विशाल, विनोद आदि का कहना है कि सवेरे लाइन में लगकर मुश्किल से नंबर आता है तथा अंदर जाने पर कुछ बैंक तो खातों से भी केवल 5 हजार रुपये ही निकाल कर देते हैं और दोपहर के बाद कुछ बैंक नई करेंसी खत्म होने की बात कह कर वापस लौटा देते है।
बैंक में कैश खत्म, लोगों ने किया हंगामा
झिंझाना। नोट बंदी के दसवें दिन भी कस्बे के बैंकों में भीड़ उमड़ी रही। लोग सुबह चार बजे से ही बैंक के बाहर लाइन लगाकर बैठ गए, लेकिन बैंक में कैश कम आने पर लोगों में आक्रोश फैल गया।
हंगामा करने पर पुलिस ने लाठी फटकारकर स्थिति को काबू किया। बैंकों के बाहर लोगों कि भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। प्रतिदिन भीड़ बढ़ती जा रही है। इसके अलावा बैंकों में कैश नाम मात्र को आने पर भी लोगों में बैंक कर्मियों से गुस्सा है। पीएनबी, एसबीआई के बाहर रुपये बदलने के लिये लोग रात्री में ही बैंकों के बाहर अपना बिस्तर लगा रहे हैं। सुबह का नाश्ता व खाना साथ लेकर आ रहे हैं। शुक्रवार को भी लोगों ने कैश खत्म होने पर हंगामा कर दिया।