शामली। आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा का मुस्लिम कार्ड सपा प्रत्याशियों की मुश्किल बढ़ा सकता है। चर्चा है कि कैराना के पूर्व सांसद मरहूम मुनव्वर हसन के छोटे भाई कंवर हसन को शामली सीट पर बसपा प्रत्याशी बनाया जा सकता है।
वहीं, इस सीट पर जाट बिरादरी से प्रसन्न चौधरी के नाम की चर्चा भी है। क्योंकि जाट बाहुल्य इस सीट पर वर्ष 2012 के चुनाव में भी बसपा ने शामली सीट से जाट बिरादरी के बलवीर सिंह को चुनाव लड़ाया था। हालांकि शामली सीट पर बसपा किसे प्रत्याशी बनाएगी, पार्टी स्तर से अधिकारिक पुष्टि नहीं हो रही है।
बता दें कि बहुजन समाज पार्टी ने अभी तक पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस को थानाभवन और कैराना से हाजी अनवर हसन को विधानसभा क्षेत्र प्रभारी बनाया हुआ है। थानाभवन और कैराना सीट पर बसपा से इन दोनों प्रत्याशियों का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है।
वहीं, अब शामली सीट पर भी बसपा की तरफ से मुस्लिम प्रत्याशी उतारने के कयासों ने नए समीकरणों को हवा दे दी है। समाजवादी पार्टी ने शामली सीट पर गुर्जर बिरादरी के मनीष चौहान को प्रत्याशी घोषित किया हुआ है। उनके लिए गुर्जर और मुस्लिम का गठजोड़ मजबूत समीकरण बनाता है, मगर बसपा के मुस्लिम कार्ड से उनको झटका लग सकता है।
हुकुम सिंह की बेटी शुरू कर सकती हैं राजनीतिक पारी
भाजपा के सांसद बाबू हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह आगामी विधानसभा चुनाव से अपना राजनीतिक सफर शुरू कर सकती हैं। सांसद बनने से पहले हुकुम सिंह कैराना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते आए हैं। कैराना क्षेत्र के हिंदू गुर्जर और अन्य बिरादरियों के वोट को लेकर वह कई बार विधायक चुने गए। हालांकि चर्चा है कि उनकी बेटी मृगांका सिंह कैराना नहीं, बल्कि शामली सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ सकती हैं।