शामली। समाजवादी पार्टी ने थानाभवन सीट से किरणपाल कश्यप का टिकट काटकर जिला पंचायत सदस्य शेर सिंह राणा को प्रत्याशी घोषित कर दिया है।
दरअसल, सपा जिलाध्यक्ष किरणपाल कश्यप का सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से काफी पुुराना लगाव रहा है। वर्ष 2007 और 2012 में थानाभवन सीट से ही किरणपाल कश्यप सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े और हार गए थे। इससे पूर्व वह एक बार थानाभवन सीट से ही चुनाव जीते थे। दो बार चुनाव हारने के बावजूद 2017 के चुनाव के लिए किरणपाल कश्यप को प्रत्याशी बनाया गया था। अब प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने किरणपाल कश्यप का टिकट काटकर जिला पंचायत सदस्य शेर सिंह राणा को प्रत्याशी घोषित किया है। शेर सिंह राणा पूर्व में थानाभवन ब्लाक प्रमुख भी रह चुके हैं।
पिछले कुछ दिनों से समाजवादी पार्टी में अंतर्कलह हावी हो रही थी। थानाभवन गन्ना विकास परिषद अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित करने को लेकर जलालाबाद के पूर्व चेयरमैन एवं जिला उपाध्यक्ष जहीर मलिक ने ही सपा जिलाध्यक्ष का विरोध किया था और रुपये लेकर प्रत्याशी बनाने तक के आरोप लगाए थे।
इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष ने जहीर मलिक को पार्टी से निष्कासित करने का फरमान जारी कर दिया था, लेकिन पार्टी पदाधिकारियों के समक्ष मामला पहुंचने के बाद जहीर मलिक की वापसी हो गई थी। उसको लेकर सपा जिलाध्यक्ष की खूब किरकिरी हुई थी। वहीं, शामली में हुए कार्यकर्ता बूथ सम्मेलन में सपा जिलाध्यक्ष की गैर मौजूदगी बाहर से आए सपा नेताओं को अखर गई थी।
किरणपाल कश्यप का टिकट कटकर शेर सिंह राणा को प्रत्याशी बनाने पर थानाभवन सीट पर अन्य राजनीतिक दल अपने समीकरण भिड़ाने में लग गए हैं। इस सीट पर कश्यपों की करीब 12 हजार वोट हैं। भाजपा प्रत्याशी का प्रयास रहेगा कि कश्यप वोटों में ज्यादा से ज्यादा सेंध लगाई जा सके। हालांकि सपा के ठाकुर कार्ड से भाजपा के ठाकुर सुरेश राणा को नुकसान पहुंचाने की रणनीति भी हो सकती है। वहीं, सपा प्रत्याशी बने शेर सिंह राणा को कश्यप वोटरों को सहेजकर रखना आसान नहीं होगा। क्योंकि बिरादरी के नेता का टिकट कटने पर कश्यपों में नाराजगी बढ़ सकती है।