गांव ख्यावडी कट के निकट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुआ कटान। संवाद
हसनपुर लुहारी (शामली)। मानसून की पहली बारिश में गांव ख्यावड़ी के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के किनारे की मिट्टी धंस गई है, जिससे एक्सप्रेसवे के किनारे टूटने की आशंका बन गई है। उधर, एक्सप्रेसवे पर बुटराड़ा से भाज्जू के बीच भी एक्सप्रेसवे के किनारों पर कई स्थानों पर मिट्टी धंस गई है जबकि सर्विस रोड के करीब 50 मीटर हिस्से में जलभराव होने से आवागमन प्रभावित रहा। अब मिट्टी धंसने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
तीन दिन तक हुई बारिश के पानी से एक्सप्रेसवे पर कई जगह मिट्टी धंस गई है। गांव ख्यावड़ी कट के पास एक्सप्रेसवे के किनारे नीचे की मिट्टी धंस गई है, जिससे एक्सप्रेसवे के टूटने का खतरा बन गया है। बुटराड़ा से भाज्जू के बीच भी कई स्थानों पर मिट्टी धंस गई है। कई स्थानों पर एक्सप्रेसवे के किनारे गड्ढे बन गए, जिससे दुर्घटना होने की आशंका बनी है। राहुल सैनी ने कहा कि पहली ही बारिश में एक्सप्रेसवे के किनारे मिट्टी धंसने से गड्ढे बन जाना चिंताजनक है। यदि समय रहते इनकी मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के दौरान मिट्टी और धंस सकती है, जिससे आने-जाने वाले लोगों के लिए भी खतरा हो सकता है। अमित कुमार का कहना है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना में पहली बारिश के बाद ही मिट्टी का धंसना और गड्ढे बनना कई सवाल खड़े करता है। संबंधित विभाग को मौके का निरीक्षण कर प्रभावित स्थानों की मरम्मत का कार्य कराना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके।
एक्सप्रेसवे पर एक सप्ताह पहले बने थे दो गड्ढे
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर करौदा महाजन और खेड़ामस्तान के जंगल में एक जौलाई को बारिश के बाद सड़क धंसने के साथ दो गड्ढे बन गए थे। इस मामले में बागपत इकाई की ओर से जांच कराई गई। जांच में गुणवत्ता संबंधी खामियां और लापरवाही सामने आने पर मेरठ की ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेंद्र कुमार और कंसल्टेंसी एजेंसी चैतन्य कंपनी के टीम लीडर कुलदीप राजदान को हटा दिया गया था। इसके अलावा चैतन्य कंसल्टेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अजय कुमार, सीनियर इंजीनियर क्वालिटी राजेंद्र कुमार और परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
गांव ख्यावडी कट के निकट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुआ कटान। संवाद