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प्रदूषण से घुट रही सांसें, नियंत्रण के उपाय नहीं

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शामली सुबह 7बजे धीमान पुरा फाटक पर फैले स्मॉग के दौरान गुजरते वाहन - फोटो : SHAMLI
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शाम होते ही छा जाता है स्मॉग
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शामली। प्रदूषण का कहर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसे नियंत्रित करने के लिए उपाय नहीं हो रहे। शाम होते ही पूरा जिला स्मॉग की चादर में लिपटता है और सुबह तक घनी धुंध छाई रहती है। दिन में भी इसका असर बना रहता है। प्रदूषण के कारण दम घुटने जैसे हालात बनने लगे हैं।
जिले में प्रदूषण को लेकर हालात दिनोंदिन बिगड़ रहे हैं। एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब स्तर यानि 300 के आसपास चल रहा है। सुबह-शाम स्मॉग के कारण घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों को हो रही है। सुबह-शाम घूमने वालों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी महसूस होती है। इतना सब होने के बावजूद जनपद में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उपाय नहीं हो रहे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय मुजफ्फरनगर में होने के कारण शामली में कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
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कूड़ा जलाने से बाज नहीं आ रहे लोग
प्रदूषण बढ़ने के बावजूद लोग कूड़ा जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। जिन अधिकारियों की कूड़ा जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ड्यूटी लगी है वे भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। बुधवार की सुबह गोहरनी रोड पर कई जगह कूड़े के ढेर में आग लगा दी गई। एक स्थान पर तो प्लास्टिक के तारों को जलाया गया था।
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पराली जलाने और ट्रैफिक से बढ़ रहा प्रदूषण
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह का कहना है कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। हवा के साथ स्मॉग शामली में प्रवेश करता है। इसलिए यहां ज्यादा असर रहता है। उनका कहना है कि शामली में इंडस्ट्रीज ज्यादा नहीं हैं, लेकिन वाहनों की आवाजाही खूब है। वाहनों से भी प्रदूषण ज्यादा हो रहा है। उन्होंने बताया कि मेरठ रोड पर एंटी स्मॉग गन लगाई गई है। यह हाईवे पर मूवमेंट में रहती है, जिससे प्रदूषण को नियंत्रित किया जाता है।

शामली रात्री 10सडक पर फैला स्मॉग- फोटो : SHAMLI

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