शामली। जिले में वायु प्रदूषण से लोगों को अभी राहत नहीं मिल रही है। रात में स्मॉग छाया रहा और सुबह को धुंध छायी रही। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 180 रहा। उधर, अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा।
दिवाली के बाद से जिले में वायु प्रदूषण बढ़ा था, जिससे अभी लोगों को राहत नहीं मिली है। रविवार रात को भी स्मॉग का धुआं छाया रहा, जिससे आंखों में जलन की समस्या बनी रही। सोमवार सुबह तक स्मॉग का असर रहा। इसके बाद सुबह तक कोहरे जैसी धुंध छायी रही। इसके बाद मौसम साफ होने पर धूप निकली। दिनभर धूप निकली रही। जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 180 रहा। रविवार को एक्यूआई 179 रहा था।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि वायु प्रदूषण के कारण सांस के रोगियों को ज्यादा परेशानी होती है। हर रोज 200 से अधिक मरीज जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं। प्रदूषण के कारण दिल के मरीजों को भी परेशानी होती है। ऐसे मौसम में इस तरह के मरीजों को घर में ही रहना चाहिए। घर के अंदर ही टहलें और व्यायाम करें। बच्चे और बुजुर्गों के लिए भी घर पर रहना ही बेहतर है। लोगों को घर से बाहर निकलते समय फेस मास्क लगाना चाहिए। आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनना चाहिए। आंखों में जलन हो तो साफ पानी से साफ करना चाहिए। सीएमएस के अनुसार, प्रदूषित वातावरण का असर बच्चों और बड़ी उम्र के लोगों पर ज्यादा पड़ता है। इनकी इम्यूनिटी पावर कम होने और फेफड़े छोटे होने के कारण संक्रमण बढ़ने का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समय घर के अंदर ही रहना चाहिए।