फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: पौधरोपण में भ्रष्टाचार की बू, एक साल में ही सूख गए पौधे

Fri, 31 May 2024 02:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। जिले में पूर्व में लगाए गए पौधों की तो सुध ली नहीं, इस साल फिर से वन विभाग ने 15 लाख पौधों को लगाने की तैयारी की है। साल 2023 में जिलेभर में लगाए गए पौधे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए हैं। इनमें से अधिकांश पौधे सूख चुके हैं। पौधे को लगाने के अलावा निराई गुड़ाई और सिंचाई के लिए अलग से बजट जारी होता है। अब सवाल यह उठता है कि निराई गुड़ाई पर करीब 19 लाख और सिंचाई का करीब नौ लाख रुपये विभाग ने कहां पर खर्च किए। डीएम ने इस मामले में जांच बैठा दी है।
विज्ञापन

नवीन कलक्ट्रेट के पास
2023 जुलाई माह में यहां पर 100 से अधिक पौधे वन विभाग और अन्य विभागों ने मिलकर लगवाए थे। मगर देखरेख के अभाव में पौधे पूरी तरह से सूख चुके हैं। उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है।
विकास भवन के पास पौध नर्सरी
यहां पर भी पिछले साल पौधे तो लगाए गए थे ही साथ ही अब पौधरोपण के लिए पौध भी तैयार की जा रही थी। मगर अब नीम से लेकर अमरुद, जामुन आदि के पौधे पूरी तरह से सूख चुके हैं। जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन

सिंभालखा और झाल गांव के पास
यहां पर भी विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर वर्ष 2023 में पौधरोपण किया गया था। मगर अब पौधे पूरी तरह से सूख चुके हैं। जिन पर किसी की नजर नहीं है। इनके अलावा सहारनपुर रोड, झिंझाना रोड, पूर्वी यमुना नहर के पास भी पौधे सूखने के कगार पर है, मगर विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। पौधे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते नजर आ रहे हैं।
इसलिए आ रही भ्रष्टाचार की बू

वन विभाग के अनुसार एक पौधा खरीदने के लिए विभागीय अधिकारी करीब सात रुपये खर्च करते हैं। इसके बाद उसकी पूरे साल तक निराई-गुड़ाई पर भी रुपये खर्च किए जाते हैं। एक बार की निराई गुड़ाई पर एक पौधे पर करीब डेढ़ रुपया खर्च किया जाता है। साल में तीन बार निराई गुड़ाई की जाती है। यानी 13 लाख पौधों की निराई गुड़ाई के लिए एक बार में करीब 19 लाख रुपये खर्च होते हैं जो तीन बार करीब 57 लाख रुपये बैठते हैं। इसी तरह एक पौधे की सिंचाई के लिए एक बार में 80 पैसे के हिसाब से बजट मिलता है। यानी 9 लाख से अधिक का बजट विभिन्न विभागों को मिला था। विभागीय अधिकारी सही देखरेख का दावा कर रहे हैं फिर सवाल यह है कि बजट के रुपये लगाने के बाद भी पौधे सूख कैसे गए ? डीएम ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कहीं है।



पिछले पांच साल का जिले में पौधारोपण का ब्योरा

साल पौधे लगाए

2020 975890

2021 1309000

2022 1300009

2023 1300000

2024 1500000 अभी लगने बाकी है

ब्योरा: वन विभाग से लिया गया है।



हर साल इन विभागों को दिया जाता है पौधरोपण का लक्ष्य

उच्च शिक्षा विभाग, बेसिक शिक्षा ,पर्यावरण विभाग, वन विभाग, ग्राम विकास विभाग , राजस्व विभाग, पंचायती राज, आवास विकास, औद्योगिक विकास, नगर विकास ,लोक निर्माण विभाग, सिचाई विभाग, कृषि विभाग आदि


देखरेख को कोई नहीं आता

शामली के रहने वाले जोनी का कहना है कि लोग या फिर विभिन्न विभाग पौधरोपण तो कर देते हैं मगर उसके बाद भूल जाते हैं। पौधे देखरेख के अभाव में सूख रहे हैं। मगर विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे। भैंसवाल रोड के रहने वाले जोनी का कहना है कि कई स्थानों पर सड़क किनारे लगे पौधे सूख चुके हैं, जिन पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों को भी पौधों को बचाने के लिए आगे आना चाहिए। गोहरनी गांव के रहने वाले फारुख का कहना है कि विकास भवन के पास पौधे दो माह पहले तक हरे भरे थे मगर अचानक सूख गए। किसी ने पौधों में आग लगा दी। आग लगाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।





वन विभाग के अलावा सभी विभाग मिलकर पौधरोपण करते हैं। वन विभाग के पौधे पूरी तरह से हरे-भरे हैं। अन्य विभागों द्वारा लगाए गए पौधे सूख गए होंगे। जानकारी कराई जाएगी। मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को देंगे।

जगदेव सिंह, डीएफओ, वन विभाग शामली
पिछले साल लगाए गए पौधों के सूखने का मामला पता लगा है। पौधों की देखरेख के लिए अलग से बजट जारी किया जाता है। देखरेख नहीं करने वाले विभागों से भी जवाब-तलब किया जाएगा। भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन


रविंद्र सिंह, जिलाधिकारी शामली
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें