साहब ! ये हरियाणा पुलिस वाले हमें खेत में नहीं जान दे रे
कैराना (शामली)। साहब हरियाणा पुलिस वाले हमें अपणे खेत में नी जान दे रे। कहे हैं लॉकडाउन हो गया है, खेत में जाणा है तो अपणे थाणे से लिखवा कै लाओ। साहब हमें लिख कै दे दो। ना तो म्हारी पलेज का नाश हो जागा। उधार रकम लैके तो फसल लगाई है।
मंगलवार सुबह करीब सवा दस बजे यूपी-हरियाणा सीमा पर यमुना पुलिस चौकी पर कुछ किसान इसी तरह कैराना सीओ के सामने अपनी समस्या रख रहे थे। बताया कि मवीकला, रामड़ा और सहपत के दर्जनों किसानों की जमीन सीमा पार हरियाणा की तरफ रीशपुर, नन्हैंडा गांवों में पड़ती है। वह रोज यमुना पुल पार करके अपने खतों में जाकर सिंचाई आदि देखभाल करते हैं। लॉक डाउन की वजह से उनके ग्राम प्रधान ने भी लिखकर दिया हुआ है। प्रधान के पत्र के आधार पर यूपी पुलिस ने तो उन्हें खेत पर जाने को सीमा पार करा दी लेकिन हरियाणा पुलिस ने प्रधान का पत्र मानने से इंकार कर दिया और थाने से पत्र लाने को कहते है लौटा दिया। उन्होंने सीओ से खेत में जाने का अनुमति पत्र दिलाने का अनुरोध किया। इसके बाद सीओ ने किसानों ने कहा कि वे अपनी जमीन संबंधी दस्तावेज ले आएं। उनके आधार पर सत्यापन करके उन्हें खेत पर जाने की अनुमति दिला दी जाएगी। इसके बाद किसान लौट गए। किसान अनुमति के लिए दस्तावेज तैयार करने में लग गए।
1. गांव के कई किसानों की जमीन हरियाणा की सीमा में पड़ती है। पलेज लगा रखी है। अब हरियाणा पुलिस वाले लॉकडाउन बताकर खेत में नहीं जाने दे रहे। थाने की रिपोर्ट मांग रहे हैं। कई किसान परेशान हैं।
बिलाल
2. हम यमुना पुल के पार करके खेतों में जाते हैं। इसका पता हरियाणा पुलिस चौकी वालों को भी है लेकिन अब उन्होंने रोक दिया है। ये उचित नही है। खेती बाड़ी के लिए भी परेशान किया जाना उचित नहीं है।
युसुफ
3. सीमा विवाद के चलते पहले से ही आए दिन समस्या होती है। अब खेतों में जाने के लिए भी प्रमाण पत्र मांग रहे हैं हालांकि कैराना पुलिस उनकी मदद कर रही है। उन्होंने अनुमति दे दी है।
मौ.उमर
4. खेती किसानी पर कहीं कोई रोक नहीं है, लेकिन हरियाणा सीमा पार करने की वजह से समस्या बनी है। किसानों ने अपने जमीन के दस्तावेज कैराना पुलिस को दिखाए हैं। पुलिस हमारी मदद कर रही है।
नरसिंग