शामली। स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में अव्वल आने के लिए नगर निकायों में तैयारी किए जाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ ओर है। निकायों में जगह-जगह कूड़े व गंदगी के ढ़ेर लगे हैं। सार्वजनिक शोचालयों के दरवाजे और टोंटी टूटी हैं। इसी माह स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम पहुंचकर निकायों के स्वच्छता संबंधी दावों का भौतिक सत्यापन करेगी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि स्वच्छता के मानकों पर शहर कैसे खरा उतरेगा।
भारत सरकार की तरफ से स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों के आधार पर निकायों में टीमें भेजकर स्वच्छता का भौतिक सत्यापन कराती है। इसके बाद रैंकिंग जारी की जाती है। इस बार फिर से नगर निकाय 2024 के स्वच्छता सर्वेक्षण की परीक्षा में शामिल होने को तैयार हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल आने के लिए मानकों पर खरा उतरने की तैयारी किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। सोमवार को शहर में स्वच्छता का हाल देखा तो इसी तरह की स्थिति नजर आई।
ब्लॉक मार्ग पर दुर्गंध से बुरा हाल
ब्लाॅक रोड पर शहर के बीच से बहने वाला नाला गंदगी से भरा हुआ है। नाले की सफाई न होने से दुर्गंध आ रही थी और वहां से आना जाना भी मुश्किल हो रहा था।
अटल विहार में सड़क किनारे कूड़ा
अटल विहार में सड़क किनारे पड़ा हुआ मिला। इस मोहल्ले के निवासी रवि का कहना है कि दो दिन से कूड़ा पड़ा है। पालिका अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नियमित रूप से सफाई नहीं होती।
शांतिनगर में नाली किनारे पड़ी सिल्ट
मोहल्ला शांतिनगर में नाले से निकाला गया कूड़ा सड़क सिल्ट सड़क किनारे पड़ी थी। इस मोहल्ले के मदन ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले नाले से कूड़ा निकाला गया था, जिसे कोई उठाने नहीं आया। मोहल्ला बरखंडी में सड़क पर कूड़ा पड़ा हुआ था, उसमें दुर्गंध आ रही थी।
सार्वजनिक शौचालयों का बुरा हाल
गोशाला रोड बैंड मार्केट में शौचालय खस्ताहाल है। उसके दरवाजे भी टूटे हुए मिले और टंकियों की टोंटी भी गायब मिली। इस मोहल्ले के जोनी गोस्वामी का कहना है कि शौचालय की सफाई करने कोई कर्मचारी नहीं आता। उनका कहना है कि या तो इसे बंद कर दिया जाए या फिर इसकी मरम्मत कराकर साफ-सफाई कराई जाए।
इस तरह होगा स्वच्छता सर्वेक्षण
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान कूड़ा निस्तारण, डोर टू डोर कूड़ा संग्रह, कचरा मुक्त शहर, ओडीएफ प्लस, एमआरएफ सेंटर की स्थिति और लोगों की फीड बैक आदि मानकों के आधार पर अंक दिए जाते हैं। इनमें 1300 अंक कचरा मुक्त शहर और 1200 अंक ओडीएफ प्लस के होते हैं।
शहर में 364 सफाईकर्मी, 35 कूड़ा वाहन
शामली शहर से रोजाना लगभग 40 टन कूड़ा रोजाना निकलता है। इसके लिए पालिका में नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग मिलाकर लगभग 364 सफाईकर्मी है जबकि क्षेत्रफल व आबादी के अनुसार 400 से ज्यादा सफाईकर्मियों की जरूरत हैं। कूड़ा ढ़ाेने के लिए छोटे बड़े मिलाकर 35 कूड़ा वाहन हैं।
2023 में जिले के निकायों की रैंकिंग
शामली। 2023 की स्वच्छता सर्वेक्षण की रैकिंग में नगरपालिका शामली को प्रदेश में 18वीं और देश में 104वीं रैंकिंग मिली थी। सर्वेक्षण में प्रदेश की करीब 700 और देशभर की 4992 नगर निकाय शामिल हुई थी। इसके अलावा कांधला को 226, कैराना को 126, थानाभवन को 264, बनत को 401, जलालाबाद को 195, एलम को 331, झिंझाना को 190 और गढ़ीपुख्ता को 363वीं रैंक मिली थी।
कोट
सभी नगर निकायों में स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के लिए तैयारी की गई है। लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। होली के बाद इसी महीने में स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम आने की उम्मीद है।
- पंकज कुमार, डीपीएम स्वच्छ भारत मिशन।
शामली में कूडे की खबर से सम्बधित परिचर्चा फोटो टोनी गोस्वामी । संवाद
शामली में कूडे की खबर से सम्बधित परिचर्चा फोटो टोनी गोस्वामी । संवाद
शामली में कूडे की खबर से सम्बधित परिचर्चा फोटो टोनी गोस्वामी । संवाद