शामली। श्री हनुमान धाम पर श्रीराम लीला रंगमंच पर रावण जन्म-वेदवती संवाद की लीला का मंचन किया गया। श्रीराम लीला में रावण का जोरदार अभिनय को देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी।
श्री हनुमान धाम के श्रीराम लीला रंगमंच पर रावण- कुंभकरण, विभीषण का जन्म होता है। वह जन्म के बाद ब्रह्मा की तपस्या से प्रसन्न करके वरदान मांगते हैं। वरदान में रावण मानव-वानर के अलावा देवी-देवताओं पर विजय होने का वरदान मांगता है। कुंभकरण इंद्रासन की जगह निंद्रासन और विभीषण नारायण की भक्ति मांगता है। वरदान प्राप्त करने के बाद रावण विजयी अभियान निकल पड़ता है।
जंगल में एक ऋषि कन्या वेदवती को देखकर रावण उस पर मोहित हो जाता है और शादी का प्रस्ताव रखता है। वेदवती कहती है कि वह भगवान विष्णु के साथ शादी के लिए तपस्या कर रही है। शादी के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद रावण उसे जबरदस्ती करके अपने साथ ले जाना चाहता है। वेदवती रावण को काल के रूप में जन्म लेने की चेतावनी देकर अग्नि प्रज्वलित करके सती हो जाती है। रावण कैलाश पर्वत पर जाकर भगवान शिव को प्रसन्न करके चंद्रहास लेते हैं।
रावण का अभिनय नरेंद्र सैनी, वेदवती, सोनू वर्मा ने शानदार अभिनय किया। रामलीला रंगमंच पर हनुमान धाम के प्रधान सलील द्विवेदी, सचिव राजकुमार मित्तल, उपेंद्र, आदेश, राकेश आचार्य, दिनेश, जोगेंद्र, सन्नी, धर्मेंद्र, बालकिशन सैनी मौजूद रहे।