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शीर्ष नेताओं के रैली में न आने बिगड़ा चुनावी गणित

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file - फोटो : amarujala
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कैराना लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के आठ अप्रैल की रैली में नहीं आने से पार्टी का चुनावी गणित बिगड़ गया। जिससे कांग्रेस को चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा।
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कांग्रेस हाई कमान ने कैैराना लोकसभा चुनाव में पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक को प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा गया था। चुनाव कार्यालय के शुुभारंभ से लेकर चुनाव प्रचार में अच्छी खासी भीड़ उमड़ी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की गत आठ अप्रैल को रैली का कार्यक्रम मिला। कांग्रेस प्रत्याशी हरेंद्र मलिक के मुताबिक  राहुल-प्रियंका गांधी की रैली के लिए वीवी कालेज के मैदान में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ऐन वक्त पर कार्यक्रम निरस्त होने से चुनाव बिगड़ गया। दूसरे दिन नो अप्रैल को प्रियंका का सहारनपुुुर और बिजनौर जिले में रोड शो का कार्यक्रम रखा गया। प्रियंका का  सहारनपुर जिले के कैैराना लोकसभा के सरसावा में कार्यक्रम में हुआ। आखिरी में विरोधी दलों द्वारा चुनाव में बैठ जाने की अफवाह फैल जाने से उनका सांप्रदायिक धर्म निरपेक्ष राजनीतिक दलों का वोट बैंक दूसरे दलों की ओर खिसक गया। जिससे पार्टी को चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा। यही कारण रहा है कि शामली-थानाभवन विधानसभा क्षेत्र का प्रभाव वाले क्षेत्र में उनका वोट बैंक गलत प्रभाव से भाजपा और गठबंधन की ओर खिसक गया। गंगोह और नकुड़ विधानसभा में ज्यादा वोट बैंक मिलने के संबंध में उनका का कहना है कि कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक और वहां के जाटों का वोट मिलना है। हरेंद्र मलिक कहते है कि चुनाव में जनता का निर्णय सर्वोपरि है। शांतिपूर्ण चुनाव और मतगणना संपन्न होने से जिला प्रशासन का आभार प्रकट किया।
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