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Kanwad Yatra: मां-दादी को बैठाकर हरिद्वार से कांवड़ लाए युवा, 144 किलो गंगाजल भी उठाया; गांव में भव्य स्वागत

Tue, 11 Aug 2026 02:47 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

शामली के कांधला क्षेत्र के सुन्ना गांव में कांवड़ यात्रा के दौरान भक्ति के साथ मातृ-पितृ सेवा की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। गौरव और खुशी अपनी मां को, जबकि बादल और शिवम अपनी दादी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से गांव लेकर पहुंचे। वहीं लाला ने 144 किलो गंगाजल की भारी कांवड़ उठाकर सबका ध्यान खींचा।
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कांवड़ियों का सम्मान करते स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 शामली के कांधला क्षेत्र के गांव सुन्ना में कांवड़ यात्रा के दौरान भक्ति और मातृ-पितृ सेवा का अनोखा संगम देखने को मिला। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया।

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गांव निवासी जयभगवान के पुत्र गौरव और खुशी अपनी मां को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से गांव लेकर पहुंचे। वहीं अरविंद के पुत्र बादल और शिवम अपनी दादी को कांवड़ में बैठाकर यात्रा पूरी कर गांव पहुंचे।

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कलयुग के श्रवण कुमारों की सेवा ने जीता दिल
मां और दादी को कांवड़ में बैठाकर लंबी यात्रा पूरी करने वाले युवाओं की सेवा भावना ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया। लोगों ने उनकी इस पहल को श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति से जोड़ते हुए जमकर सराहना की।

ग्रामीणों का कहना था कि युवाओं ने भगवान शिव के प्रति आस्था के साथ अपनी मां और दादी के प्रति सम्मान और सेवा का भी संदेश दिया है। कांवड़ यात्रा के दौरान उनकी यह तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
 

कांवड़ियों का सम्मान करते स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
144 किलो गंगाजल की भारी कांवड़ लेकर पहुंचे लाला
इसी दौरान गांव के बबलू के पुत्र लाला भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। वह 144 किलो गंगाजल की भारी कांवड़ लेकर हरिद्वार से गांव पहुंचे। इतनी भारी कांवड़ देखकर ग्रामीण भी हैरान रह गए और उन्होंने लाला का विशेष स्वागत किया।

लाला ने बताया कि भगवान शिव के प्रति आस्था और संकल्प के चलते उन्होंने इतनी भारी कांवड़ उठाई। गांव पहुंचने पर लोगों ने उनकी शिवभक्ति की सराहना की।
 
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ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
कांवड़ियों के गांव की सीमा में प्रवेश करते ही ढोल-नगाड़े बजने लगे। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।

समाजसेवी अभय हुड्डा ने कहा कि युवाओं ने भगवान शिव की भक्ति के साथ संस्कार और मातृ-पितृ सेवा की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल समाज में सेवा, सम्मान और भाईचारे का संदेश देती है।
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