किवाना गांव के परीक्षित मलिक का शव खंदरावली के जंगल में फंदे पर लटका मिला था। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि परीक्षित को हनीट्रैप में फंसाकर अश्लील वीडियो बना लिए गए थे। रुपये भी वसूले गए। परिजनों को पता चलने के डर से उसने आत्महत्या कर ली।
निजी फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट परीक्षित मलिक ने हनीट्रैप में फंसाए जाने पर आत्महत्या की थी। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए साइबर अपराधी झारखंड निवासी आशीष को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस का कहना है कि आरोपी एआई तकनीक के माध्यम से लड़की जैसी आवाज में बात कर परीक्षित को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेलिंग कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया है।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि 17 अगस्त को परीक्षित मलिक निवासी गांव किवाना थाना कांधला का गांव खंद्रावली के जंगल में पेड़ पर फंदे के सहारे शव लटका मिला था। एसपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि परीक्षित को साइबर अपराधियों ने हनीट्रैप एवं ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसा लिया था। मृतक के मोबाइल फोन पर फिलीपींस के नंबर से कॉल आई थी, जिसके बाद लड़की की आवाज में युवक से बातचीत कर उसकी आपत्तिजनक फोटो व वीडियो बना लिया था।
फोटो और वीडियो युवक के व्हाट्सएप पर भेजकर वायरल करने की धमकी देकर रुपयों की मांग की गई। आरोपियों द्वारा पहले दो हजार रुपये व इसके बाद एक हजार रुपये वसूले गए। इसके बाद भी युवक से लगातार रुपये मांगे जा रहे थे।
एसपी का कहना है कि आरोपियों द्वारा परिजनों को अश्लील फोटो व वीडियो भेजने की धमकी से डरकर परीक्षित मलिक ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने आशीष कुमार निवासी गांव सामदा तुलाडीह थाना डूमरी जनपद गिरिडीह (झारखंड) हाल निवासी देव कॉम्प्लेक्स, निकट अलीयार चौक, सेक्टर-आठ, आईएमटी मानेसर, जनपद गुरुग्राम (हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया है।
जांच और पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने एआई तकनीक के माध्यम से लड़की जैसी आवाज में युवक से आपत्तिजनक बातें कीं, साथ ही रिकॉर्डिंग भी कर ली। इसके बाद वीडियो कॉल पर अश्लील सामग्री भी जुटा ली। इसके बाद फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपये वसूल किए।