आरोप है कि पिछले एक वर्ष से पति, जेठ सोनू, सास विमला, ससुर ओमपाल, देवर काला, ननद कोमल और जेठानी ममता सहित ससुराल पक्ष के अन्य लोग दहेज में बुलेट बाइक की मांग को लेकर ममता का शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे। पीड़ित पिता के अनुसार, बेटी ने कई बार प्रताड़ना की जानकारी दी थी, जिसके बाद उसे मायके भी लाया गया। बाद में रिश्तेदारों और समाज के लोगों के समझाने पर वह फिर ससुराल चली गई।
शुक्रवार देर रात करीब दो बजे ममता के जेठ सोनू ने फोन कर उसकी मौत की सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे तो ममता का शव घर में पड़ा मिला। परिजनों का आरोप है कि उसके मुंह से खून निकल रहा था और अधिकांश ससुराल वाले मौके से फरार थे। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
झिंझाना थाने के जांच अधिकारी वीरेंद्र कसाना ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर पति समेत सात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।