बैंक से ऋण लेकर खरीदे वाहन, चालान से बढ़ी परेशानी
चालकों ने बताया कि अधिकांश लोगों ने बैंक से ऋण लेकर पांच से छह लाख रुपये की लागत से टेंपो खरीदे हैं। लगातार चालान होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।उनका आरोप था कि शहर में कई अन्य व्यावसायिक वाहन भी यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित हो रहे हैं, लेकिन कार्रवाई केवल टेंपो चालकों के खिलाफ की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से सभी वाहनों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन ने दिया समर्थन
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने भी टेंपो चालकों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई करने और चालकों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में वीरेंद्र कुमार, जोनी, आशू, मोनू और राजेश समेत अन्य चालक शामिल रहे।
फिटनेस समाप्त वाहनों पर ही कार्रवाई: परिवहन विभाग
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवेश कुमार ने कहा कि विभाग केवल उन्हीं ऑटो और टेंपो के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है। नियमों का पालन करने वाले वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।