साक्ष्य देने के बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप
पूनम तोमर का आरोप है कि शिकायत के साथ पुलिस को साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद करीब दो महीने बीतने पर भी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि इस दौरान उन्हें शिक्षकों के ग्रुप में चरित्र हनन और साइबर उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षिका ने आरोप लगाया कि साइबर पुलिस की ओर से भी उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि उन्हें घंटों कार्यालय में बैठाया जाता है और बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शिक्षिका के अनुसार, पुलिस की ओर से उनसे मामले में लागू धाराओं के बारे में भी पूछा गया।
मुख्यमंत्री और महिला आयोग से लगाई गुहार
शिक्षिका का कहना है कि कार्रवाई तो दूर, मामले में प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की गई। पुलिस से निराशा के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री और महिला आयोग से शिकायत की है। उन्होंने इसे नारी सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा मामला बताते हुए दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पूनम तोमर ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है। उनका कहना है कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो उनके लिए नौकरी करना मुश्किल हो सकता है।
एसपी बोले- समिति कर रही जांच
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आंतरिक परिवाद समिति गठित की गई है, जो मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि समिति की जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।