बाबरी क्षेत्र के महाराजा सूरजमल पब्लिक स्कूल की शिक्षिका ने प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य और प्रबंधक के खिलाफ मानसिक व शारीरिक शोषण करने और उनकी बात न मानने पर स्कूल से निकालने का आरोप लगाते हुए बाबरी थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शामली निवासी शिक्षिका की तरफ से दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह बाबरी थानाक्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल में करीब 13 साल से कंप्यूटर शिक्षक रही है। आरोप है कि स्कूल के प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य उस पर गलत नजर रखते थे और किसी न किसी बहाने ऑफिस में बुलाकर उसे अमर्यादित स्पर्श करने की कोशिश करते हुए अश्लील द्विअर्थी शब्दों का इस्तेमाल करते थे।
जब वह उनकी बातों का विरोध करती तो वे नौकरी से निकालने का दबाव बनाते थे। जब वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया जबकि उससे पहले उन्हें शिक्षण कार्य को लेकर कभी नोटिस नहीं दिया गया।
शिक्षिका का कहना है कि उसने नोटिस का जवाब दे दिया था और स्कूल प्रबंधक को प्रधानाचार्य व उप प्रधानाचार्य के अमर्यादित व्यवहार के बारे में बताया, लेकिन उन्होंने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बजाए बिना किसी लिखित सूचना के स्कूल में आने से मना कर दिया। आरोप है कि नोटिस का जवाब देने के बाद प्रधानाचार्य ने छुट्टी के बाद उन्हे अपने ऑफिस में बुलाया। वहां पर प्रधानाचार्य व उप प्रधानाचार्य ने कहा कि अगर वह उनकी बात मान ले तो उसकी जिंदगी संवर जाएगी।
वह उनका विरोध करते हुए चलने लगी तो प्रधानाचार्य ने उसका हाथ पकड़ लिया और उप प्रधानाचार्य ने पीछे से पकड़ लिया। वहां से वह किसी तरह उनसे बचकर भाग निकली। इसके बाद स्कूल प्रशासन व प्रबंधक ने औपचारिक रूप से जांच बैठाकर उसे स्कूल से निकाल दिया। इसके बाद प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य व प्रबंधक उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और शिकायत वापस न लेने पर जान से मारने व उठवाने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस ने शिक्षिका की शिकायत के आधार पर प्रधानाचार्य विनोद कुमार शर्मा, उप प्रधानाचार्य ब्रजवीर सिंह और प्रबंधक श्याम पाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
इन्होनें कहा
शिक्षिका ने बच्चों की बेवजह पिटाई कर दी थी जिस पर परिजनों ने स्कूल में पहुंचकर हंगामा किया था। शिक्षिका को सात नोटिस दिए गए थे। जिसके बाद जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद शिक्षिका को स्कूल से निकाल दिया गया था। इसी कारण शिक्षिका बेबुनियाद आरोप लगा रही है। मानसिक और शारीरिक शोषण का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है।
- श्यामपाल सिंह, मैनेजर, महाराजा सूरजमल पब्लिक स्कूल