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Shamli: छह हजार की रिश्वत लेता राजस्व निरीक्षक रंगेहाथ गिरफ्तार, पैमाइश के लिए किसान से मांग रहा था रुपये

Wed, 08 Jul 2026 11:41 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव वेदखेड़ी निवासी किसान श्रीनिवास ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन को शिकायत की थी कि उसकी भूमि नापने के लिए राजस्व निरीक्षण रिश्वत मांग रहा है। टीम ने जाल बिछाकर आरोपी धर्मवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। 
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किसान श्रीनिवास और आरोपी धर्मवीर सिंह (इनसेट में भी) को ले जाती टीम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) सहारनपुर की टीम ने बुधवार को कैराना तहसील में राजस्व निरीक्षक धर्मवीर सिंह को किसान से कृषि भूमि की पैमाइश करने के नाम पर छह हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आदर्श मंडी थाने पर राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
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झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव वेदखेड़ी निवासी किसान श्रीनिवास ने एंटी करप्शन सहारनपुर को शिकायत की थी कि उनकी कृषि भूमि के बराबर में वन विभाग की भूमि है। वन विभाग ने उनकी भूमि पर अपना बताते हुए डोलबंदी कर दी थी। किसान ने अपनी भूमि की पैमाइश कराने के लिए राजस्व निरीक्षक धर्मवीर सिंह के यहां अर्जी लगाई थी। 
 

किसान का आरोप है कि राजस्व निरीक्षक ने भूमि की पैमाइश के नाम पर दस हजार की रिश्वत मांगी। पीड़ित किसान ने राजस्व निरीक्षक से गरीब किसान होने का हवाला देते हुए कहा कि उसके पास 10 बीघा जमीन है, लेकिन राजस्व निरीक्षक नहीं माना और लगातार रुपयों की मांग करता रहा। 
 

बाद में छह हजार रुपये देना तय हुआ। किसान की शिकायत पर बुधवार को एंटी करप्शन टीम ने अपना जाल फैलाया और राजस्व निरीक्षक धर्मवीर सिंह निवासी रामपुरी मुजफ्फरनगर को 500-500 के 12 नोट (छह हजार रुपये) की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
 
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भूमि की पैमाइश के लिए नौ महीने से काट रहा था चक्कर
पीड़ित किसान श्रीनिवास के अनुसार उसकी भूमि को वन विभाग ने अपना बताते हुए डोलबंदी कर दी। अब वह भूमि पैमाइश के लिए नौ महीने से अधिकारियों के चक्कर चक्कर काट रहा था। उनकी भूमि की डोलबंदी का वाद चल रहा था, उसकी फाइल भी राजस्व निरीक्षक के पास थी लेकिन वह बिना रुपये लिए पैमाइश के लिए वह जा नहीं रहा था। इसके बाद उसने तंग आकर तीन जुलाई को एंटी करप्शन से शिकायत की थी। श्रीनिवास ने बताया कि राजस्व निरीक्षक ने पहले उसे रुपये देने के लिए झिंझाना के गाड़ी वाला चौराहा पर बुलाया, वहां उनका ऑफिस है लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद फोन किया तो उसे तहसील कैराना में बुलाया था।

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