यूजीसी के नियमों के विरोध में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
नियमों से सामाजिक विभाजन बढ़ने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि यूजीसी के नए नियम शिक्षा में समान अवसर देने के बजाय छात्रों के बीच जातिगत भेदभाव को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका कहना था कि इन नियमों से सामान्य वर्ग के छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
संविधान की भावना के खिलाफ बताए नियम
ज्ञापन में कहा गया कि इन नए प्रावधानों से ओबीसी, एससी, एसटी और सामान्य वर्ग के छात्रों के बीच मतभेद और सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका है। संगठनों ने इन्हें संविधान में निहित समानता, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध बताया।
यूजीसी के नियमों के विरोध में प्रदर्शन
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आंदोलन तेज करने की चेतावनी
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि 15 जनवरी से लागू किए गए ये नियम गंभीर संवैधानिक सवाल खड़े करते हैं। यदि इन्हें तुरंत वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस मौके पर बबलू राणा, पवन कुमार चौहान, मदन सिंह, विक्रम सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अलावा कांग्रेस और किसान संगठनों से जुड़े लोगों ने भी कलक्ट्रेट पहुंचकर कानून का विरोध किया और ज्ञापन सौंपा।