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सर्च अभियान जारी: 24 घंटे बाद भी छात्रों का नहीं सुराग, नहाते वक्त यमुना में डूबे थे पानीपत के तीन छात्र

Fri, 16 Aug 2024 01:28 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

 उत्तर प्रदेश के शामली में नहाते वक्त यमुना में नहाते समय तीन छात्र डूब गए। तीनों की तलाश के लिए सर्च अभियान चलाया गया लेकिन 24 घंटे बीतने के बाद भी तीनों का कोई सुराग नहीं लग सका है। वहीं तीनों के परिजन किनारे पर टकटकी लगाए बैठे हैं।
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तलााश में जुटे गोताखोर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के शामली में यमुना में स्नान करते समय कैराना क्षेत्र में यमुना में डूबे तीन छात्रों का 24 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। गुरुवार दोपहर बाद तीन बजे पानीपत के खोतपुरा गांव के रहने वाला कक्षा दसवीं का छात्र सुमित, 12वीं का छात्र सुमित और नितेश डूब गए। सूचना पर एसडीएम और पुलिस मौके पर पहुंची। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी यमुना में डूबे छात्रों का कोई पता नहीं लग सका।

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पानीपत के गांव खोतपुरा निवासी छह युवक और किशोर यमुना में नहाने आए थे। सभी छह युवक और किशोर यमुना में हरियाणा की साइड़ नहाने लगे। इसी दौरान तीनों डूब गए। डूबने पर छात्रों के साथी आबिद, गौरव, रिहान ने शोर मचा दिया। शोर शराबा होने पर गोताखोर और पुलिस मौके पर पहुंची। सूचना पर दोनों के परिजन भी मौके पर पहुंचे। तीनों के परिजन खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं।

शुक्रवार तक भी तीनों का कोई सुराग नहीं लग सका। एसडीएम का कहना है कि तीनों को तलाश करने में गोताखोर जुटे हैं। मोटर बॉट का भी सहारा लिया जा रहा है।
 
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12 दिन पहले भी यमुना में दो सगे भाई और उनका मामा डूब गया था
यमुना नदी में गहरे गहरे गड्ढे होने के कारण 4 अगस्त को पानीपत के थाना चांदनी बाग से यमुना में नहाने आए राजस्थान के मूल निवासी महेश(30) और उसका भाई बोधू(25) उर्फ जितेंद्र तथा 35 वर्षीय मामा लोकेश यमुना में नहाते समय डूब गए थे। अगले दिन 5 अगस्त को गोताखोरों ने यमुना पुल से करीब 1 किलोमीटर आगे मामौर के पास से महेश और लोकेश का शव बरामद किया था।

बाद में गोताखोरों ने तीसरे युवक जितेंद्र की तलाश में कई दिन तक अभियान चलाया, लेकिन 11 दिन बीत जाने के बाद भी आज तक यमुना में डूबे जितेंद्र का कहीं पता नहीं चल सका। इससे पहले भी समय समय पर यमुना नदी में स्नान के दौरान युवकों ने अपनी जिन्दगी गवाई। ग्रामीण सोहनवीर, सादिक आदि का कहना है कि यमुना में गहरे कुंड के कारण लोग काल के गाल में समाते हैं। कुंड के लिए जिम्मदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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