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Shamli News: पीएनबी गोरखपुर के तत्कालीन शाखा प्रबंधक-फील्ड ऑफिसर पर 75 हजार रुपये जुर्माना

Thu, 23 Jul 2026 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने धोखाधड़ी से ग्रामीण के आधार कार्ड व पैनकार्ड लेकर फर्जी तरीके से ऋण जारी कर उसकी धनराशि किसी दूसरे व्यक्ति को देने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने पंजाब नेशनल बैंक शाखा विकास नगर गोरखपुर के तत्कालीन प्रबंधक व तत्कालीन फील्ड ऑफिसर को 75 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया है।
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गांव चंदेनामाल निवासी सुशील कुमार ने आयोग में 27 मार्च को प्रमोद कुमार निवासी अकमातोला जिला गोरखपुर, तत्कालीन शाखा प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक विकास भवन गोरखपुर, बैंक शाखा के तत्कालीन फील्ड ऑफिसर, आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड सहारनपुर के रिलेशनशिप मैनेजर विदित मित्तल और क्रेडिट इनफॉरमेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड मुंबई के विरुद्ध परिवाद दायर कराया।
परिवादी ने बताया कि उनके गांव में आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड सहारनपुर ने आकर बताया कि वे 15 लाख रुपये तक का ऋण दिलाएंगे। उस पर विश्वास कर उन्होंने अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि कागज उपलब्ध करा दिए। परिवादी का कहना है कि जिस मकान पर ऋण लिया जा रहा था, बतौर बयाना चार लाख रुपये अदा कर दिए। 15 दिन बाद फाइनेंस कंपनी के सहारनपुर कार्यालय पहुंचकर संपर्क किया तो उन्हें हाउस ऋण देने से यह कहकर इनकार कर दिया कि उनके द्वारा पहले से पीएनबी विकास भवन गोरखपुर से ऋण लिया और चार लाख 20 हजार रुपये बकाया है जबकि परिवादी ने कोई भी ऋण बैंक से नहीं लिया था।
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बैंक से संपर्क किया तो जानकारी हुई कि उनके नाम से आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि जुटाकर उनके नाम से ऋण जारी कर दिया गया जबकि न तो उन्होंने कोई दस्तावेज बैंक को दिए और न ही कभी अपने हस्ताक्षर आदि बैंक को दिए। इसके बाद भी तत्कालीन शाखा प्रबंधक और तत्कालीन फील्ड ऑफिसर ने धोखाधड़ी कर प्रमोद कुमार को ऋण की धनराशि प्राप्त करा दी। ऋण न मिलने से मकान के बयाने का चार लाख रुपये भी डूब गए।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने आदेशित किया कि वह परिवादी की सिबिल को तुरंत सही करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें और उसकी रिपोर्ट इस आयोग में प्रस्तुत करें।
परिवादी को हुई क्षतिपूर्ति हेतु तत्कालीन शाखा प्रबंधक व फील्ड ऑफिसर व्यक्तिगत रूप से 20 हजार रुपये व परिवाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये प्रदान करें। सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए बैंक के दोनों अधिकारियों पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। अर्थदंड की धनराशि को विपक्षी बैंक के क्षेत्रीय महाप्रबंधक द्वारा तत्कालीन शाखा प्रबंधक व फील्ड ऑफिसर के खाते से आहरित करके जिला आयोग में जमा किया जाएगा, जो नियमानुसार राजकोष में जमा की जाएगी। साथ ही आदेश का अनुपालन 45 दिन में न करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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