शामली। कस्बा कांधला निवासी टैक्सी चालक और दो दुकानदारों के खाते में धोखे से साइबर ठगी के 4.67 लाख रुपये मंगाने का मामला सामने आया है। टैक्सी चालक की तरफ से आरोपी के विरुद्ध साइबर क्राइम थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
कस्बा कांधला के मोहल्ला खैल निवासी शहनवाज ने साइबर क्राइम थाने पर दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि वह कार को टैक्सी में चलाता है। मार्च में उसकी कार को कस्बे के मोहल्ला शेखजादगान निवासी मुगीरा कई बार दिल्ली व अन्य जगह पर लेकर गया। पहली बार में उसने कार का भाड़ा नकद दिया। इसके बाद मुगीरा ने गूगल पे का क्यूआर कोड मांगा और कहा कि उसे इस क्यूआर कोड में पैसे डलवाने हैं। उसने अपना क्यूआर कोड व्हाटसएप कर दिया। इसके बाद मुगीरा ने उसके खाते में भाड़े से ज्यादा रुपये डलवाए। उसने एटीएम से निकालकर मुगीरा को रुपये दे दिए।
पीड़ित के मुताबिक आरोपी ने 20 मार्च से छह अप्रैल तक कई बार में उसके क्यूआर कोड में 67 हजार रुपये डलवाए और उसने हर बार अपने भाड़े के रुपये निकालकर उसे वापस कर दिए। दर्ज रिपोर्ट में बताया आरोपी ने उसके मोहल्ले के रहने वाले फल विक्रेता कासिम से 25 फरवरी को कहा कि उसके कुछ पैसे खाते में आएंगे। उसका खाता आधार कार्ड की वजह से काम नहीं कर रहा है। आरोपी ने कासिम के खाते में करीब तीन लाख रुपये से अधिक रुपये मंगवाए, जिनमें कासिम ने कुछ रुपये नकद व कुछ रुपये मुगीरा द्वारा बताए खातों में डाल दिए।
इसके अलावा लेडीज दुपट्टा की दुकान करने वाले मोहल्ला शहजादगान निवासी नसीम से भी मुगीरा ने कहा कि उसका खाता काम नहीं कर रहा है। उसके कुछ रुपये खाते में आएंगे, उन्हें निकालकर उसे दे देना। इसके बाद उन तीनों के खाते बैंक द्वारा बंद कर दिए गए। उन्होंने बैंकों में जाकर जानकारी ली तो बताया गया कि उनके खातों में जो रुपये आए हैं, उन पर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज है।
पीड़ित का आरोप है कि मुगीरा अपने मोबाइल नंबर से फर्जी नाम बताकर लोगों से ठगी करता है और रकम को दूसरों के खातों में मंगवाता है। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की तलाश की जा रही है।