मेरी आवाज सुनोगांव मंसूरा मार्ग पर बने गड्ढों में भरा बरसात का पानी। संवाद
झिंझाना। करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मेरठ-करनाल हाईवे से मंसूरा जाने वाला संपर्क मार्ग आठ साल में ही जर्जर हो गया है। गहरे गड्ढे होने के कारण करीब 10 किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को घंटों लग रहे हैं। बरसात में पानी भरने से वाहन चालकों को सड़क के गड्ढों की गहराई का पता नहीं चल पाया। यह मार्ग वेदखेड़ी, मंगलपुर, रोटन, फतेहपुर, तिसंग, ओदरी, चौतरा, कलरी और डोकपुरा सहित करीब 20 गांवों और सिख डेरों को जोड़ता है। प्रतिदिन सैकड़ों किसान, छात्र, व्यापारी और अन्य लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों ने सड़क का नए सिरे से निर्माण कराने की मांग की है।
बोले ग्रामीण
मंसूरा के हाजी जब्बार के अनुसार यह सड़क हजारों लोगों की जीवनरेखा है। बरसात में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। कई बार शिकायत के बाद भी केवल पैचिंग कर खानापूर्ति की गई। हाजी जब्बार, मंसूरा
शहजाद के अनुसार सड़क पर इतने गड्ढे हैं कि 10 किलोमीटर का सफर घंटों में पूरा होता है। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को होती है। रात में निकलना और भी जोखिम भरा हो जाता है।
मेहताब ने बताया कि यह मार्ग कई गांवों और सिख डेरों को जोड़ता है। खराब सड़क के कारण किसानों, छात्रों और व्यापारियों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। अब मरम्मत नहीं, नई सड़क की जरूरत है।
झिंझाना के मोहसिन ने बताया कि सड़क की बदहाली से समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। वाहन जल्दी खराब हो रहे हैं और हादसों का खतरा बना रहता है। विभाग को जल्द निर्माण कार्य शुरू कराना चाहिए।
मंसूरा मार्ग पर हैवी ट्रैफिक होने के कारण गड्ढे बने हुए हैं। मंसूरा मार्ग सात मीटर चौड़ीकरण का प्रस्ताव किया हुआ है। जल्द कार्य शुरू होगा। -राजकुमार, अधिशासी अभियंता, लोनिवि