शामली। साइबर ठगी करने वाले गिरोह अब दूसरे राज्यों के लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम ठिकाने लगा रहे हैं। शामली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों से पूछताछ के बाद जांच में यह खुलासा हुआ है कि गिरोह दिल्ली और हरियाणा के लोगों के बैंक खातों का प्रयोग कर रहा था। जांच में छह बैंक खातों में करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब खाताधारकों और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के अनुसार, एक जून को साइबर सेल ने असम निवासी मनवीर को साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद हरियाणा के यमुनानगर निवासी बलविंदर सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों से पूछताछ और जांच के दौरान साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं।
पुलिस का मानना है कि गिरोह संगठित तरीके से अलग-अलग राज्यों में लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजता था, ताकि पुलिस को रकम के स्रोत तक पहुंचने में कठिनाई हो।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जांच में पता चला है कि गिरोह के सदस्य हरियाणा के गुरुग्राम और दिल्ली के सरोजिनी नगर क्षेत्र के लोगों के बैंक खातों का उपयोग कर रहे थे। जांच के दौरान दिल्ली के चार और गुरुग्राम के दो बैंक खातों में करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई है। इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम का लेन-देन किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिन लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ, वे मजदूरी करने वाले हैं। आशंका है कि गिरोह ने उन्हें कुछ रुपये का लालच देकर या किराये पर उनके बैंक खाते लेकर उनका उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किया।
एसपी ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। संबंधित बैंक खातों का पूरा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है और खाताधारकों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।