लांक। बकरीद से पहले बाजार में ज्यादा कीमत पाने के लालच में बकरों को मोटा और आकर्षक दिखाने के लिए स्टेरॉयड इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दिए जा रहे इन इंजेक्शनों और दवाओं से बकरों की सेहत बिगड़ रही है। पिछले तीन दिनों में पशु अस्पताल में ऐसे 12 मामले पहुंच चुके हैं। पशु चिकित्सकों के अनुसार कई पशुपालक बकरीद से पहले बकरों का वजन तेजी से बढ़ाने और उन्हें तंदुरुस्त दिखाने के लिए स्टेरॉयड और अन्य सप्लीमेंट का उपयोग कर रहे हैं, ताकि बाजार में अधिक दाम मिल सकें। यह प्रयोग जानवरों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।
केस-1
शहर के काजीवाड़ा निवासी एक व्यक्ति बकरे की हालत बिगड़ने पर उसे शामली सदर के पशु अस्पताल लेकर पहुंचा। बकरे को हीट स्ट्रोक और डायरिया की शिकायत थी। जांच में पता चला कि उसे अधिक कीमत में बेचने के लिए स्टेरॉयड दिए गए थे।
केस-2
कैराना निवासी एक पशुपालक भी बीमार बकरे को अस्पताल लेकर पहुंचा। जांच में सामने आया कि बकरे को मोटा दिखाने के लिए स्टेरॉयड दिए गए थे, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई।
ज्यादा डोज से हो सकती है मौत
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रभानू कश्यप ने बताया कि कुछ प्रोडक्ट बकरों को जल्दी मोटा दिखाने और ताकत बढ़ाने के लिए दिए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना पशु चिकित्सक की सलाह के किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है। ज्यादा मात्रा या गलत दवा देने से बकरों में शरीर में सूजन, लीवर और किडनी पर असर, कमजोरी, हीट स्ट्रोक, संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। अधिक डोज जानलेवा भी साबित हो सकती है।
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
बिना पशु चिकित्सक की सलाह के कोई इंजेक्शन या दवा न दें।
बकरों को तेज धूप में लंबे समय तक न बांधें।
साफ पानी और संतुलित आहार दें।
चना, दाना और दूध सीमित मात्रा में खिलाएं।
हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए छायादार स्थान पर रखें।
बकरों में सुस्ती, दस्त या सांस फूलने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
बाजार में बढ़ी बकरों की मांग
बकरीद के चलते शहर का दिल्ली रोड बाजार इन दिनों गुलजार है। बाजार में देसी नस्ल के बकरों की कीमत 10 हजार से 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जबकि तोतापरी और अलबरी नस्ल के बकरे 40 हजार रुपये तक बिक रहे हैं। विक्रेता आदिल और ताहिर ने बताया कि इस बार अच्छे बकरे 40 हजार रुपये तक में बिक रहे हैं।