शामली। जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर जितने वोट कटे हैं। उनमें वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत के अंतर से ज्यादा वोट कट चुके हैं। हालांकि अभी अंतिम सूची जारी होनी बाकी है। ऐसे में जिन सीटों पर जीत सुनिश्चित मानी जाती थी, वहां के राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। जीत के समीकरण साधने के लिए संभावित प्रत्याशियों को फिर से नए सिरे से काम करना होगा।
सबसे ज्यादा वोट विधायक अशरफ अली की थानाभवन विधानसभा सीट से 61,409 कटे हैं जबकि जीत का अंतर 10,806 था। वहीं शामली विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 में जीत का अंतर 7,107 था, जबकि यहां 58,570 वोट कट चुके हैं। इसी तरह कैराना विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 में जीत का अंतर 25,887 था, जबकि यहां 43,484 वोट काटे जा चुके हैं।
शामली, कैराना और थानाभवन में वोटों की यह कटौती सीधे तौर पर सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है। अनंतिम सूची जारी होने के बाद रालोद से लेकर भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा तक सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारी नए सिरे से मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए जुट गए हैं। सभी दल नए सिरे से चुनावी बिसात बिछाने की तैयारी कर रहे हैं। संभावित प्रत्याशियों ने भी वोट जुड़वाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
n अब हो चुके 8.12 लाख मतदाता : जिला निर्वाचन कार्यालय प्रभारी हामिद हुसैन के अनुसार जिले में कुल मतदाता 9 लाख 75 हजार 697 थे। इनमें पुरुष मतदाता 5 लाख 27 हजार 695, महिला मतदाता 4 लाख 47 हजार 929 और थर्ड जेंडर 73 थे। छह जनवरी 2026 तक एसआईआर के आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब कुल 8 लाख 12 हजार 239 मतदाता रह गए हैं। इनमें पुरुष मतदाता 4 लाख 50 हजार 098, महिला मतदाता 3 लाख 52 हजार 086 और थर्ड जेंडर 55 शामिल हैं।