शामली। नेट बैंकिंग से खाते की डिटेल जानने के लिए लिंक पर क्लिक करते ही एपीके फाइल डाउनलोड हो गई। इसके बाद साइबर के शातिरों ने पीड़ित के खाते से सात ट्रांजक्शन कर एक लाख 27 हजार 999 रुपये निकाल लिए। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
शहर के गगन विहार निवासी पूर्व सीएचसी अधीक्षक जगमोहन के पिता और सेवानिवृत्त हेल्थ सुपरवाइजर ओमप्रकाश ने शहर कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि सात जनवरी को उसने अपने मोबाइल फोन में अपने पीएनबी के खाते से संबंधित पासबुक एंड पीएनबी वन मोबाइल बैंकिंग रजिस्टर से अपने खाते की डिटेल जानने के लिए एक लिंक पर क्लिक किया। लिंक पर क्लिक करते ही एक एप्लीकेशन पीएनबी वन (1) एपीके उसके मोबाइल फोन में डाउनलोड हो गई। इस फाइल के डाउनलोड होने के तुरंत बाद ही उसके मोबाइल नंबर पर कॉल आई और मोबाइल पर पंजाब नेशनल सर्विस के नाम से व्हाट्सएप पर एक हाय का मेसेज आया।
इसके बाद कॉल पर ही उन्होंने उसके मोबाइल फोन में डाउनलोड एप्लीकेशन को इंस्टाल कराया। उस एप्लीकेशन में जो भी बैंक डिटेल, डेबिट कार्ड डिटेल, एटीएम पिन मांगे गए, वह भर दिए। इस डिटेल के भरने के तुरंत बाद ही उसके मोबाइल फोन पर ओटीपी आने लगे और जो भी ओटीपी आ रहे थे वो दूसरे नंबर पर ऑटोमेटिक फाॅरवर्ड हो रहे थे। इसी दौरान उसके बैंक खाते से लगातार सात ट्रांजक्शन हो गए, जिसमें उसके खाते से एक लाख 27 हजार 999 रुपये कट गए। उसने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल कर अपना बैंक खाते से संबंधित ऑनलाइन डेबिट कार्ड, यूपीआई और नेट बैंकिंग को बंद कराया। इसके बाद उसने 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।