राशिद के मुताबिक उनके फोन पर आशु के पिता अजीत का फोन आया। उन्होंने बताया था कि ईशा उनके यहां आ गई, इसे ले जाओ। वह अपने पुत्र के साथ बंतीखेड़ा पहुंचे थे और ईशा को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वह नहीं मानी और आशु के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। जिसके बाद परिजन वापस लौट आए। 31 मार्च की सुबह ईशा का शव मिला।
गिरफ्तार किए गए आशु से की गई पूछताछ का हवाला देते हुए बताया कि 2021 में आशु ने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। इस दौरान शामली आते-जाते ईशा से प्रेम-प्रसंग हो गया। आठ माह पूर्व मुजफ्फरनगर में दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। दो मार्च को ईशा उसके घर पहुंच गई, तब उसने शादी की बात परिजनों को बताई।
परिजनाें और समाज के विरोध के कारण 13 मार्च को ईशा अपने घर चली गई। लेकिन 17 मार्च को फिर से वापस उनके घर आ गई। इस बीच नवरात्र शुरु हो गए। ईशा नवरात्र में मीट खाने की जिद करती थी। इसे लेकर झगड़ा होने लगा।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नवरात्र के दौरान ईशा मीट खाने की जिद करती थी। 29 मार्च की रात को भी उसने मीट खाने का जिद की जिस पर फिर से झगड़ा हुआ तो उसने ईशा पर दरांती से प्रहार किया। सिर में दरांती के वार से वह बेहोश हो गई। उसके कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी आशु ने ठेले से शव ले जाकर कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने आशु के पास से आला-ए-कत्ल दरांती, शव को लपेटकर ले जाने में प्रयोग किया गद्दा, रेहड़ा व नमक का खाली प्लाटिक का कट्टा भी बरामद किया है।