हॉस्टिपल की ओटी, एसएनसीयू और एक कक्ष को सील किया गया। इस कक्ष में तीन पार्ट बनाए गए थे, एक में अल्ट्रासाउंड कक्ष था, लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं मिली। दूसरे पार्ट में लैब व तीसरे पार्ट में एक्सरे मशीन मिली। इनका पंजीकरण नहीं होना पाया गया।
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इसके बाद कांधला में ही जीवन रक्षा हॉस्पिटल पर जांच की तो वहां पर करीब एक साल से पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं होना पाया गया। इस हॉस्पिटल में ओटी और लेबर रूम को सील किया गया। इसके अलावा न्यू चौहान क्लीनिक पर जांच की तो मौके पर कोई पंजीकरण दस्तावेज नहीं पाया गया। इस क्लीनिक को भी सील कर दिया गया। एसीएमओ डॉ. अश्वनी ने बताया कि तीनों के संचालकों को नोटिस जारी कर पंजीकरण संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।