दिव्यांग मलखान सिंह ने बताया कि विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उसे दी गई माेटराइज्ड ट्राईसाइकिल वापस ले ली और दिए गए कागजात भी ले लिए, जब उसने कारण पूछा तो उसे वहां से भाग जाने के लिए कहा। मलखान सिंह ने बताया कि उसने वहां कई अधिकारियों से अपनी शिकायत कहने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी और वह वापस जलालाबाद आ गया।
दिव्यांग ने पूर्व मंत्री को शिकायत भेजकर उसको न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। वहीं जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि दिव्यांग मलखान सिंह माेटराईज्ड ट्राई साइकिल पर आकर बैठ गया था।
जब उसके कागजातों की जांच की गई तो उसमें पता चला कि उसका आवेदन राज्य सरकार की योजना में है। यह माेटराइज्ड ट्राई साइकिल का वितरण केंद्र सरकार की योजना में किया गया है। उसको राज्य सरकार का बजट आने के बाद योजना का लाभ देने का आश्वासन देकर घर भेज दिया था।