ट्रक चालक ने पहले तो सड़क किनारे लगे गन्ने के रस की रेहड़ी में टक्कर मारी, इसके बाद रस पी रहे युवक और महिला को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनेां पास में ही सड़क किनारे ही करीब दस फीट गहरे गड्ढे में जा गिरे। ट्रक भी अनियंत्रित होकर खाई में महिला और युवक के ऊपर जा पलटा। जबकि रस विक्रेता सिलावर निवासी साहब सिंह भी दूर जा गिरा, हालांकि उसे चोट नहीं लगी।
हादसे के बाद ट्रक के चालक और हेल्पर मौके से भाग गए। शोर शराबा होने पर लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस को मामले की सूचना दी गई। सूचना पाते ही सीओ अमरदीप मौर्य मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पहले ट्रक के नीचे दबे युवक को बाहर निकाला। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी की मदद से ट्रक और सरियों के बीच से महिला के शव को निकाला।
महिला की शिनाख्त मालैंडी गांव के किसान मुकेश शर्मा की पत्नी 45 वर्षीय रेखा और उनके बेटे 24 वर्षीय उमंग के रुप में हुई। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भतीजे शिवम ने रेखा का शामली में पैरालाइसिस का उपचार चल रहा है। उमंग चाची को शामली डाक्टर के यहां दिखाने के बाद वापस मालैंडी लौट रहा था। उसी समय हादसा हुआ। सीओ अमरदीप मौर्य का कहना है कि मृतक के परिजनों की तहरीर मिलने पर मामला दर्ज किया जाएगा।
जाको राखे साईंया मार सके ना कोय...
गन्ने का रस बेचने वाले सिलावर गांव निवासी साहब सिंह पर जाको राखे साईंया मार सके ना कोय. ये पंक्तियां बिल्कुल सटीक बैठती है। दरअसल, सरिये से भरे ट्रक ने सबसे पहले मां बेटे को रस पिला रहे साहब सिंह को ही टक्कर मारी थी। साहब सिंह टक्कर से करीब 20 फिट की दूरी पर जाकर गिरा, मगर हैरत की बात है कि उसे खरोच तक नहीं आई। हर कोई इसे भगवान की कृपया का ही असर मान रहे हैं।