चार साल पुरानी दोस्ती, दूसरी बार साथ में कांवड़
सालिम ने बताया कि उनकी और मोहित की करीब चार साल पुरानी दोस्ती है। दोनों पहले भी साथ में हरिद्वार से कांवड़ ला चुके हैं। इस बार भी दोनों ने मिलकर बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक का संकल्प लिया था।
दोस्ती धर्म नहीं, इंसानियत से जुड़ी है
सालिम ने कहा कि उनकी दोस्ती धर्म से ऊपर इंसानियत, विश्वास और भाईचारे पर आधारित है। वह अपनी इच्छा से अपने दोस्त के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य आपसी प्रेम और सौहार्द का संदेश देना भी है।
स्वस्थ होकर फिर लाएंगे गंगाजल
घायल सालिम ने कहा, 'हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई हैं। आस्था और दोस्ती के इस सफर को कोई नहीं रोक सकता। स्वस्थ होने के बाद फिर हरिद्वार जाकर बाबा भोलेनाथ के लिए गंगाजल लेकर आऊंगा।'