मेरठ से हथियार लेकर पंजाब जा रहे थे
पुलिस के मुताबिक, बाउ गिल एनडीपीएस मामले में होशियारपुर जेल में बंद है। इसके बावजूद वह मोबाइल, इंस्टाग्राम और इंटरनेट कॉल के माध्यम से गिरोह के सदस्यों के संपर्क में था। उसके निर्देश पर विनय और राजेश मेरठ पहुंचे थे। वहां से अवैध हथियार लेकर दोनों स्विफ्ट डिजायर कार से पंजाब जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
पिस्टल 80 हजार, तमंचा 10 हजार में बेचने का दावा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एक पिस्टल करीब 80 हजार रुपये और तमंचा करीब 10 हजार रुपये में बेचते थे। दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। एसपी ने कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
जेल से कैसे चला रहा था बाउ गिल गिरोह
पुलिस के अनुसार बाउ गिल हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का सरगना है और फिलहाल होशियारपुर जेल में बंद है। इसके बावजूद वह मोबाइल फोन, इंस्टाग्राम और अन्य सामाजिक माध्यम खातों के जरिए गिरोह के सदस्यों के संपर्क में बना हुआ था। पुलिस का कहना है कि उसके संपर्क में 20 से अधिक सदस्य हैं और वह जेल से ही हथियारों की सप्लाई के निर्देश दे रहा था।
एक साल से कर रहे थे हथियारों की सप्लाई
पुलिस पूछताछ में विनय और राजेश ने बताया कि वे करीब एक साल से हथियारों की सप्लाई कर रहे थे। दोनों ने बताया कि वे कम समय में अधिक पैसा कमाकर संपन्न होना चाहते थे। दोनों बारहवीं तक पढ़े हैं और इसके बाद हथियारों की तस्करी में शामिल हो गए। पुलिस इस पूरे गिरोह के नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच में मेरठ के एक व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है, जो पुलिस के निशाने पर है।