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Shamli News: मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में शामली को मिला 70वां स्थान

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शामली। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना प्रदेश में परवान चढ़ती नजर नहीं आ रही है। बैंक अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण प्रदेश में एक लाख के सापेक्ष अभी तक सिर्फ 22649 योजना का लाभ दिया जा सका है। विभागीय अधिकारियों द्वारा जारी की गई रैंकिंग में महाराजगंज को प्रदेश में पहला, श्रावस्ती को दूसरा, जबकि शामली को 70, बागपत को 74वां और मुजफ्फरनगर को 61 वां स्थान मिला है।
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उद्योग विभाग के अधिकारियों बैंकों के अधिकारियों की लापरवाही के कारण आवेदकों के लोन स्वीकृत नहीं होने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है।

पूरे प्रदेश की यदि बात की जाए तो एक लाख व्यापारियों को योजना के तहत लाभ दिया जाना था। 1.70 लाख आवेदन प्रदेश भर से प्राप्त हो चुके हैं। जिनमें से अभी तक प्रदेश में सिर्फ 22.65 प्रतिशत पात्रों को ही लोन दिया गया है। कुल 22649 को लाभ दिया गया है।
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- प्रदेश में पहले पांच स्थान प्राप्त करने वाले जिले

प्रदेश में पहले नंबर पर महाराजगंज जिला रहा। यहां एक हजार के सापेक्ष 4313 आवेदन प्राप्त किए, 710 को योजना का लाभ दिया गया। यहां 72 प्रतिशत को लाभ दिया जा चुका है। इसी तरह दूसरे नंबर पर श्रावस्ती जिला रहा। यहां पर 700 के सापेक्ष 2402 ने आवेदन किए, 480 को को योजना का लाभ दिया गया। 68.57 प्रतिशत को लाभ दिया गया। तीसरे नंबर पर अंबेडकर नगर जिला रहा। यहां पर 700 के सापेक्ष 2985 ने आवेदन किए। 479 को लाभ दिया गया, जो 68.43 प्रतिशत। कन्नौज का चौथा नंबर रहा। यहां पर 700 के सापेक्ष 1466 ने आवेदन किया, 55.57 प्रतिशत को लाभ दिया जा सका। रामपुर का पांचवां स्थान रहा। यहां पर एक हजार के सापेक्ष 3046 को लाभ दिया गया, जो 54.30 प्रतिशत रहा।



- वेस्ट यूपी के जिले पिछड़े
प्रदेश में सबसे पीछे 75वें स्थान पर प्रयागराज जिला रहा। प्रयागराज में अभी तक सिर्फ 6.63 प्रतिशत को ही लाभ दिया जा सका। इसी तरह बागपत 74वें नंबर रहा यहां पर सिर्फ 7.10 यानी 71 को ही लाभ मिला। गौतमबुद्ध नगर 73वें, हापुड़ 72वें, बुलंदशहर 71वें, स्थान पर रहा।
शामली जिले की यदि बात की जाए तो प्रदेश में 70वां नंबर मिला है। यहां पर एक हजार को योजना का लाभ मिलना था मगर 87 का ही लोन स्वीकृत किया गया। 8.70 प्रतिशत को ही योजना का लाभ दिया गया। मेरठ को 68वां स्थान मिला, यहां पर 3 हजार के टारगेट के सापेक्ष 2346 आवेदन प्राप्त हुए, यहां 11.07 यानी 332 को ही लाभ मिल सका।

इसी तरह प्रदेश में मुजफ्फरनगर का 61वां स्थान रहा। यहां पर 1500 के सापेक्ष 2106 ने आवेदन किए, 14.80 प्रतिशत, बिजनौर को 58वां स्थान मिला, यहां पर एक हजार के सापेक्ष 3310 ने आवेदन किए। यहां पर सिर्फ 16.10 प्रतिशत को ही लाभ मिला। सहारनपुर को 44वां स्थान मिला। यहां पर दो हजार के सापेक्ष 3035 ने आवेदन किए। 20.90 प्रतिशत को ही अभी तक योजना का लाभ मिल सका है।


- युवाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। बैंकोंं की लापरवाही के कारण शामली, मुजफ्फरनगर में कम पात्रों को ही योजना का लाभ मिल सका। अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट भेजी गई है। - जैसमीन फौजदार, उपायुक्त उद्योग, शामली और मुजफ्फरनगर

- इन मामलों से समझिए.. किस तरह चक्कर काट रहे आवेदककर्ता
केस-1

शामली के कंडेला गांव के रहने वाले हिमांशु ने टैंट का व्यवसाय शुरू करने के लिए 20 दिन पूर्व आवेदन किया था, मगर बैंक में उसे चक्कर कटाए जा रहे हैं। अभी तक राशि स्वीकृत नहीं की गई।

केस-2

शेखुपरा गांव के रहने वाले आवेश कुमार इलेक्ट्रॉनिक की दुकान शुरू करना चाहते थे, मगर एक माह बाद भी लोन स्वीकृत नहीं किया गया।

इन्हें मिल चुका लाभ

शामली के कंडेला के मनोज कुमार ने बताया कि उसे कपड़े की दुकान शुरू करनी थी। दस पूर्व ही योजना के तहत रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। व्यापार करने में परेशानी नहीं होगी।







- रुपये देते ही हो जाएगा काम

साइबर और लघु उद्योग भारती के चेयरमैन अंकित गोयल, व्यापारी घनश्याम दास गर्ग का कहना है कि बैंकों के अधिकारियों की मनमानी के कारण योजना का लाभ युवा उद्यमियों को नहीं मिल पा रहा। अंकित का कहना है कि रुपये देते ही काम करा दिया जाता है। मामले को लेकर व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल जल्द ही जिलाधिकारी और उपायुक्त उद्योग से मिलेगा।

- नियमानुसार ही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत आवेदन स्वीकार कर लाभ दिया जा रहा है। जिन व्यापारियों का सिविल स्कोर कम है उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया गया। लापरवाही का आरोप गलत है। - हरीश छाबड़ा, एलडीएम शामली
- यह है मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना विकास अभियान (सीएम युवा) के तहत युवा पांच लाख रुपये तक की लागत का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। सरकार की ओर से ब्याज मुक्त लोन मिलेगा। कोई गारंटी भी नहीं देनी होगी। योजना का लाभ 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को दिया जाना है।
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