वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कैसे कुछ युवक यमुना पुल के पास एक झोपड़ी से निकलकर वाहनों को रोकते हैं और चालक से पैसे लेकर उन्हें जाने देते हैं। यह कृत्य न केवल अवैध है, बल्कि यह स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। यह घटना बृहस्पतिवार को तब सामने आई, जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसमें एक युवक वाहन को रोककर पैसे लेता हुआ दिखाई दे रहा है। यह वीडियो एक ट्रक चालक ने बनाया है, जिससे वसूली की जा रही है। रुपये देने से इंकार करने पर युवक उससे अभद्रता करते हुए धमकी दे रहे हैं।
इस गंभीर मामले की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी निधि भारद्वाज ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला पंचायत का इस वसूली से लेना-देना नहीं
ये युवक यमुना पुल के पास एक अस्थायी झोपड़ी में रह रहे हैं और यहीं से अपना अवैध कारोबार चला रहे हैं। वे आते-जाते वाहनों के बोनट और शीशों पर डंडे मारते हैं। राहगीरों को डरा-धमकाकर या भ्रमित करके 'नगर पंचायत' के नाम पर पैसे ऐंठ रहे हैं, जबकि जिला पंचायत का इससे कोई लेना-देना नहीं है।