वर्ष 2016 में थानाभवन के मंटीमनट गांव में दहेज के लिए विवाहिता अक्षमाला की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) रीतू नागर ने दोष सिद्ध पाया। उन्होंने आर्मी के जवान (पति) मेघराज, ससुर नैन सिंह, सास ललिता व देवर दीपक निवासी गांव मंटीमनट थानाभवन को 10-10 साल के कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
खतौली थाना क्षेत्र के गांव पमनावली निवासी अक्षमाला की शादी 22 अप्रैल 2016 को थानाभवन के गांव मंटीमनट निवासी सेना के जवान मेघराज के साथ हुई थी। ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज के लिए विवाहिता का उत्पीड़न करते थे। विवाहिता ने यह बात मरने से पहले अपनी मां को बताई थी। 6 अगस्त 2018 को ससुराल में अक्षमाला की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी।
मृतका के पिता धर्मपाल ने थानाभवन थाने पर पति मेघराज, ससुर नैन सिंह, सास ललिता, देवर दीपक व कान्हा के विरुद्ध दहेज हत्या में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान कान्हा को नाम पृथक कर दिया था। 23 फरवरी 2019 को पुलिस ने बाकी चारों मुजरिमों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिए थे।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की और से 7 गवाह पेश किए गए। एक दिन पहले बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद चारों मुजरिमों को दहेज हत्या का दोषी करार दिया था।
शुक्रवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) रीतू नागर ने आर्मी के जवान (पति) मेघराज, ससुर नैन सिंह, सास ललिता व आर्मी के जवान देवर दीपक निवासी गांव मंटीमनट थाना थाना भवन को 10-10 साल के कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।