एसीएमओ डॉ. विनोद कुमार की तहरीर पर पुलिस ने डॉ. खुर्शीद अनवर और रगीब के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। रगीब को मौके से ही गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि डॉ. अनवर ने भ्रूण लिंग जांच कराने से साफ इनकार करते हुए कहा कि वह केवल अल्ट्रासाउंड सेंटर पर ऑपरेटर हैं, अस्पताल का संचालन कोई और करता है।
पानीपत स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अभय नंदन व डॉ. ललित ने बताया कि छापे के दौरान एक महिला चिकित्सक मौके से भाग गई थी। उसकी तलाश के लिए शामली स्वास्थ्य विभाग से भी मदद मांगी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट, प्री नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दो माह में छह बार छापा
पानीपत स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ कार्रवाई में बीते दो माह के भीतर शामली जिले में छह बार छापेमारी हो चुकी है। अनवर जैक हॉस्पिटल पर यह दूसरी बार कार्रवाई की गई। हालांकि, पूर्व में भ्रूण लिंग जांच नहीं पकड़ी गई थी। बताया गया कि जिले के कई और निजी अस्पताल भी रडार पर हैं और जल्द ही उन पर शिकंजा कसा जाएगा।
शामली स्वास्थ्य विभाग पर सवाल
गौर करने वाली बात यह है कि हर बार छापेमारी हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम करती है और शामली स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं लग पाती। 28 मार्च को जलालाबाद स्थित दिव्या पैरामेडिकल अस्पताल में करनाल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भ्रूण लिंग जांच का खुलासा कर एजेंट अमित को पकड़ा था।
28 नवंबर 2024 को रोहतक स्वास्थ्य विभाग ने मां सावित्री हॉस्पिटल में छापा मारकर महिला चिकित्सक नीलम और दो दलालों को गिरफ्तार किया था। इन दोनों मामलों में भी शामली स्वास्थ्य विभाग को कोई जानकारी नहीं थी।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने कहा है कि जिले में भ्रूण लिंग जांच की घटनाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।