शामली जनपद के उदपुर गांव के ईंट भट्ठे के पास एनकाउंटर में मारे गए मुकीम काला गैंग के एक लाख के इनामी अरशद, सोनीपत के मंजीत और करनाल के सतीश के शवों का मंगलवार की देर रात तक पोस्टमार्टम चलता रहा। तीनों के शवों को परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं, चौथे बदमाश मनवीर का शव को लेने के लिए परिजन नहीं आए। सुरक्षा की दृष्टि से पोस्टमार्टम हाउस पर पुलिस तैनात रही।
सोमवार रात एसटीएफ ने चार बदमाशों को किया था ढेर
सोमवार रात उदपुर गांव के जंगल में मुकीम काला और मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग के बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई थी। मुठभेड़ में मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग का शार्प शूटर एक लाख का इनामी गंगोह निवासी अरशद, सोनीपत के रोहट निवासी मंजीत उर्फ बिल्ला उर्फ जुबैर, करनाल के मधुबन के अशोक विहार निवासी सतीश और करनाल के घरौंडा निवासी मनवीर की मौत हो गई थी, जबकि इंस्पेक्टर सुनील भी गोली लगने से घायल हो गए थे। बुधवार को उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उपचार के दाैरान दम तोड़ दिया।
पुलिस ने चारों बदमाशों के शवों को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया था। मंगलवार देर रात तक चारों के शवों का पोस्टमार्टम चलता रहा। गठित पैनल ने पोस्टमार्टम किया। अरशद, सतीश और मंजीत के शव देर रात में ही पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए, जबकि मनवीर का शव लेने के लिए परिजन नहीं पहुंचे।
अरशद के शव को परिजनों ने सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। एसपी रामसेवक गौतम का कहना है कि परिजन अभी नहीं आए हैं। गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।