शामली। 35 साल बाद शामली में रोडवेज डिपो बनने का सपना पूरा होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने आखिर ग्राम फतेहपुर में शामली रोडवेज डिपो की 45 लाख रुपये की भूमि खरीदने की अनुमति दे दी है। डिपो की एक माह में जमीन खरीदने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम का शामली में डिपो बनाने की विगत 35 साल से मांग चल रही थी। प्रदेश सरकार ने रोडवेज डिपो की स्वीकृति देकर भूमि का चयन करने के लिए निर्देश दिए, मगर रोडवेज डिपो के लिए भूमि न मिलने के कारण कार्य अधर में लटका रहा। तीन साल पूर्व उत्तर प्रदेश शासन ने शामली- गंगोह में अनुबंधित बस का डिपो की स्वीकृति देकर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक की नियुक्ति करते अनुबंधित बसों के संचालन के निर्देश दिए थे। शामली के 20 अनुबंधित बसों का संचालन हो रहा है।
शामली रोडवेज डिपो की स्थापना के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने व्यापार बंधु की बैठक में कई बार मुद्दा उठाते ग्राम फतेहपुर में नौ बीघा भूमि दिलाने का आश्वासन दिया था। डिपो के लिए भूमि का प्रस्ताव बनाकर तत्कालीन डीएम अजय कुमार सिंह, पीके सिंह, एनपी सिंह के माध्यम से उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के माध्यम से उत्तर प्रदेश शासन को भेजवाया था।
प्रदेश शासन ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को आय का विभाग बता निशुल्क भूमि न देने का तर्क बताकर रोडवेज डिपो के लिए भूमि खरीदने के लिए निर्देश दिए। ग्राम फतेहपुर मे रोडवेज डिपो की प्रस्तावित नौ लाख रुपये की भूमि का प्रस्ताव बनाकर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को भेजा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक के रविंद्र नायक ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की शामली डिपो की 9 बीघा खरीदने के लिए 45 लाख रुपये की स्वीकृति देकर एक माह भूमि खरीदने के लिए निर्देश दिए है।
क्षेत्रीय प्रबंधक अविनाश चंद और बस स्टेशन के अधीक्षक राजेंद्र चौहान ने बताया रोडवेज के प्रबंध निदेशक का आदेश उन्हें प्राप्त हो गया है। उन्होंने डीएम ओपी वर्मा को पत्र देकर एक माह में भूमि खरीदने के आदेश को अवगत कराया। उन्होंने बताया रोडवेज कार्यशाला की भूमि का बैनामा होने के बाद रोडवेज डिपो के निर्माण के लिए धनराशि शासन से मंागी जाएगी।
शामली रोडवेज बस स्टेशन के अधीक्षक राजेंद्र चौहान ने बताया रोडवेज डिपो की कार्यशाला के लिए चयनित नौ बीघा भूमि की चहारदीवारी, टीन शेड, धुलाई केंद्र और पेट्रोल पंप का निर्माण होना है।