इसकी जानकारी मिलने पर मंदिर पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने दुकान खोलने का विरोध किया, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच हंगामा हो गया था।
व्यापारी का कहना था कि मंदिर कमेटी पक्ष के लाेगों ने उसकी दुकान में घुसकर जबरन कब्जे का प्रयास किया जबकि बाबा करणनाथ का कहना था कि दुकानें मंदिर की संपत्ति है, जिन पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है।
दुकान की चाबी उनके पास होने के बाद भी व्यापारी ने गलत तरीके से ताला तोड़कर दुकान खोली है। एसडीएम व सीओ ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को समझाकर मामला शांत कराया था। इस मामले में बाबा करणनाथ की तरफ से शहर कोतवाली में रिपेार्ट दर्ज कर्रा गई थी।