17 जुलाई 2020 को राजवीर की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई, जिसकी जानकारी परिवादी ने शाखा प्रबंधक को लिखित में देकर क्लेम की मांग की, लेकिन उन्हें कोई जवाब न देकर यह कहते हुए क्लेम देने से इनकार कर दिया कि ऐसा कोई क्लेम नहीं होता और हम बीमा नहीं करते। इसके बाद परिवादी ने कानूनी नोटिस 12 अक्तूबर 2021 को भेजा गया, लेकिन इसके बाद भी क्लेम की धनराशि नहीं दी गई।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने विपक्षी बैंक अधिकारियों के विरुद्ध परिवाद को स्वीकार करते हुए आदेशित किया कि परिवादी के पति के बचत खाता के संबंध में जारी एटीएम कार्ड पर देय दुर्घटना मृत्यु धनराशि दो लाख रुपये बीमा क्लेम निरस्त किए जाने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ और विपक्षियों के कृत्यों से परिवादी को हुई क्षति की क्षतिपूर्ति हेतु 25 हजार रुपये तथा परिवाद व्यय दस हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करें। विपक्षियों द्वारा की गई सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए उन पर संयुक्त रूप से 20 हजार रुपये का अर्थदंड किया गया।
अर्थदंड की धनराशि परिवादी को देय न होकर नियमानुसार राजकोष में जमा की जाएगी। साथ ही विपक्षी बैंक अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि इस आदेश का अनुपालन 45 दिन में न करने पर उनके विरुद्ध उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।