झिंझाना क्षेत्र के गांव गांव दरगाह पुर में सुरेंद्र की बेटी के बरात क्षेत्र के खोड़समा गांव से आई थी। शादी समारोह में दोपहर का खाना चल रहा था। सभी बराती व घरातियों ने खाना खाया। इसी दौरान शाम करीब चार बजे खाना खाने वाले कुछ महिला पुरुषों और बच्चों की उल्टी, दस्त होने से तबीयत बिगड़ गई। बरात में लोगों की तबीयत बिगड़ने पर कोई साइकिल से, कोई बाइक से, तो कोई कार में, कोई ऑटो में अपने-अपने मरीजों को लेकर झिंझाना में अलग अलग प्राइवेट डॉक्टरों के यहां पहुंचे और उपचार कराया।
शादी समारोह के आयोजक बिरजे का कहना है कि एक दो व्यक्तियों को शराब पीने से उल्टी लगी है। इस दौरान खोड़समा निवासी गौतम (26) पुत्र ओमपाल, दरगाहपुर निवासी आदित्य पुत्र सुभाष कश्यप, रामकुमार (55), गौरव शर्मा, घनश्याम शर्मा, अविनाश, शशिकांत, आदेश खोड़समा, बालिका निशु, बबलू कश्यप की मां व बेटा नीटू आदि की तबीयत खराब हुई है।
इस दौरान में 50-60 लोगों की हालत खराब होना बताया गया है। सभी का निजी अस्पतालों में उपचार कराया गया। सरकारी अस्पताल में कोई मरीज नहीं पहुंचा। निजी चिकित्सक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि फूड प्वाइजनिंग की वजह से इस तरह की दिक्कत आई है। अगर किसी मरीज की तबीयत ज्यादा खराब होती है तो रेफर कर देंगे। फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर है।
उधर, ऊन ब्लाॅक के चिकित्सा प्रभारी डॉ. तरुण चौधरी ने बताया कि उन्हें फूड प्वाइजनिंग के कारण कुछ लोगों के बीमार होने की जानकारी मिली थी। झिंझाना और ऊन सीएचसी पर चिकित्सकों व स्टाफ को सतर्क किया गया था, लेकिन दोनों अस्पताल में कोई मरीज नहीं पहुंचा।
फूड प्वाइजनिंग के लक्षण
उल्टी-दस्त होना, पेट में ऐंठन, भूख में कमी, हल्का बुखार, कमजोरी, सिरदर्द होना आदि।
बचाव के लिए ये करें
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि अगर फूड प्वाइजनिंग के लक्षण नजर आते हैं तो जल्द से जल्द अस्पताल में पहुंचकर उपचार कराना चाहिए। चिकित्सक की सलाह से अपने आप दवा नहीं लेनी चाहिए।