झिंझाना। अपराध के लिए चर्चित रहने वाले बावरिया बहुल क्षेत्र के युवक सालों पुराना मिथक तोड़कर आगे बढ़ने लगे हैं। हाल ही में हुई पुलिस भर्ती में बावरिया समाज के सात युवकों का चयन हुआ है। अपने चयन से उन्होंने समाज के सामने अनूठी मिसाल पेश की है। बावरिया समाज के युवकों ने अपना जज्बा दिखाकर देश सेवा करने की ठानी है। समाज के युवाओं ने जीतोड़ मेहनत कर पुलिस भर्ती के लिए अपना पसीना बहाया है।
झिंझाना थानाध्यक्ष के अनुसार यूपी पुलिस की 2018 में निकली भर्ती में बावरिया समाज के 24 से अधिक युवाओं ने अपना भाग्य आजमाया था । सात युवाओं ने परीक्षा पास कर ली। उनका चयन भी हो गया है। ये लोग आठ अप्रैल को बरेली और अलीगढ़ में ट्रेनिंग में भी गए। युवकों के चयन से बावरिया समाज में भी खुशी है। बावरिया समाज कल्याण समिति के प्रधान धीरध्वज और सचिव हरजीत सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि अब समय बदल रहा है। समाज बदल रहा है। बावरिया समाज के 20 युवा पहले से ही पीएसी, दिल्ली पुलिस के अलावा यूपी पुलिस में अपनी सेवा दे रहे है। अब मंगल, नीरज, कपिल, कुलदीप, हरिओम, सहित सात युवा भर्ती हुए हैं। इसके अलावा समाज की कई बेटियां भी पहले से ही पुलिस और पीएसी में हैं। यह समाज में एक अच्छा बदलाव है। समाज अच्छी दिशा में जा रहा है। नौनांगली गांव से ही सात का चयन
यूपी पुलिस भर्ती में झिंझाना थाना क्षेत्र से 15 सौ से अधिक युवकों ने प्रतिभाग किया था। जिनमें से 75 युवक-युवती चयनित हुए हैं। मात्र गांव नौनांगली से ही पांच युवक सिपाही और दो युवक दरोगा के पद पर चयनित होने पर गांव मेें खुशी का माहौल है।
कोट
थानाक्षेत्र से 75 युवक और युवतियों का चयन हुआ है। इनका वैरीफिकेशन थाना झिंझाना से किया गया है। बावरिया समाज के युवक भी चयनित हुए हैं, जो कि आने वाले अच्छे समय का संकेत हैं। उन्हें खुशी है कि इस समाज के युवा आगे बढ़ रहे है।
ओपी चौधरी, इंस्पेक्टर झिंझाना