शामली। महिलाओं का सशक्तिकरण उनके स्वावलंबन से जुड़ा है। इसलिए सशक्त होने के लिए पहले स्वावलंबी होना होगा। महिला दिवस के अवसर पर अमर उजाला की ओर से आयोजित वेबीनार में जुड़ी महिलाओं ने महिला सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन विषय पर अपने विचार रखे। वेबीनार में जुड़ी गृहिणियों और कामकाजी महिलाओं ने कहा कि हर स्तर पर समाज में सम्मान पाने के लिए पहले खुद का सम्मान करेें।
वेबीनार की संचालक डॉ. ऋतु जैन ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के सरकार कई अभियान चला रही है। इन अभियान का परिणाम भी नजर आने लगा है। महिलाएं अब पहले से ज्यादा जागरूक हो रहीं हैं लेकिन अभी भी बड़े सुधार की जरूरत है। महिलाओं की स्वावलंबन की राह पकड़नी है, क्योंकि इसी से उनके सम्मान का रास्ता खुलता है।
- महिलाओं को स्वावलंबी नारी ही खुद की सुरक्षा कर सकती है। मैं गृहिणी के साथ कामकाजी महिला हूं। असल में महिलाओं के सशक्तिकरण का रहस्य स्वावलंबन में छिपा है। - लविका अग्रवाल, बैंक कर्मी
- आधुनिक नारी सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान की त्रिविमीय शक्ति के संचार के साथ छुई-मुई की प्रवृत्ति त्यागकर मर्यादा और स्वाभिमान के बीच संतुलन बनाएं। - अनिता शर्मा, काकानगर
- महिला सशक्तिकरण की विचारधारा तभी सार्थक होगी, जब महिला को वो सम्मान मिले जिसकी वह वास्तव में अधिकारी है। - नील, शौर्य गार्डन
- महिला दिवस पर सभी महिलाओं को गर्व होना चाहिए, जिनकी विश्व में अपनी पहचान है। कई देशों में महिलाएं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री बन चुकी हैं। हमें गर्व के साथ कुछ बुराइयों को खत्म करने का भी संकल्प लेना चाहिए। - ऋतु जैन, जवाहरगंज मंडी
- महिलाएं पहले भी सशक्त थीं और आज भी सशक्त हैं। जरूरत है तो सिर्फ जागरूकता की। महिलाएं जागरूक रहें, अपने आपको स्वावलंबी बनाएं। यदि वे स्वावलंबी होंगी तो अपना सम्मान खुद भी करेंगी और समाज में भी उचित स्थान प्राप्त करेंगी। - डॉ. अनिता जैन, जैन विहार
- महिला शक्ति शब्द में स्वयं ही शक्ति छिपी है। यह शब्द ही ऊर्जा देता है। अगर हम सब अपनी इन ऊर्जा को पहचाने और अपने औरत होने पर हमें खुद भी गवी़ होना चाहिए। - कमलेश देवी, गांव बुटराड़ा
- महिलाओं को कहा कि महिलाओं के लिए कोई एक दिन निर्धारित नहीं है बल्कि सब दिन उन्हीं के लिए हैं। अपनी क्षमताओं को पहचानें और आगे बढ़ें। - नीतू जैन, शिवचौक