कैराना । हक के लिए तहसील पर आमरण-अनशन करना एक परिवार को भारी पड़ गया। पूरे परिवार को जबरदस्ती धरने से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। जहां से पूरे परिवार को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
24 सितंबर को ग्राम किशोरपुर में खुली बैठक के दौरान नैन सिंह की पत्नी राजेश देवी के नाम पर राशन की दुकान का प्रस्ताव वोटिंग के द्वारा पास हुआ था। प्रस्ताव के पांच दिन बाद ही हारने वालों ने खुली बैठक से पहले गांव में मुनादी नहीं कराए जाने की शिकायत की थी। जबकि ग्रामीणों को कहना था कि गांव के मंदिर से खुली बैठक का अनाउंस कराया गया था।
इस शिकायत के हवाले से एसडीएम भानू प्रताप यादव ने ग्राम सभा के प्रस्ताव को रद करते हुए राशन की दुकान के आवंटन को निरस्त करते हुए एक पक्षीय कार्रवाई कर दी थी।
जिसके बाद न्याय नहीं मिलने पर नैन सिंह के भाई विनोद सैनी व उसकी पत्नी तथा सर्वजन हिताय महिला मोर्चा की अध्यक्ष सुमन सैनी अपने पांच बच्चों के साथ बृहस्पतिवार से तहसील परिसर में आमरण अनशन पर बैठ गई थी। मामले में एसडीएम ने शुक्रवार सांय से ही पुलिस बल को अनशन स्थल पर भेज कर अनशन समाप्त कराने व अनशन करने वालों को गिरफ्तार कराने के लिए प्रयास शुरू कर दिए थे।
देर रात तक धरना स्थल पर मीडिया कर्मियों के जमावड़े के चलते पुलिस-प्रशासन बैकफुट पर रहा। शनिवार सुबह साढे़ 7 बजे पुलिस एसडीएम की अगुवाई में चार गाड़ियां पहुंचीं और आनन-फानन में विनोद सैनी सहित उसके परिवार को गिरफ्तार कर शामली आदर्श मंडी थाने ले गई। जहां पर विनोद सैनी व उसकी पत्नी सुमन सैनी सहित पांच लोगों का पुलिस ने शांति भंग की धारा में चालान कर दिया, जबकि बच्चों को शामली से दो घंटे के बाद गाड़ी द्वारा वापस कैराना कोतवाली भेजा गया।