शामली। जिला अस्पताल में बाहरी युवक द्वारा मरीजों की जांच करने और सिक्योरिटी गार्ड द्वारा प्लास्टर करने के मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने पूरे प्रकरण का ब्योरा तलब किया है। वहीं सीएमएस ने सिक्योरिटी गार्ड और बाहरी युवक को हटा दिया है। साथ ही दो डॉक्टरों को नोटिस जारी किए गए हैं।
अमर उजाला ने 5 फरवरी के अंक में बाहरी युवक बना डॉक्टर, सिक्योरिटी गार्ड कर रहा प्लास्टर शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में खुलासा किया गया था कि जिला अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड मरीजों का प्लास्टर कर रहा है, जबकि हड्डी रोग विशेषज्ञ के कक्ष में एक बाहरी युवक मरीजों को दवाइयां लिख रहा है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड और बाहरी युवक दीपांशु को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों किसकी अनुमति से मरीजों की जांच कर रहे थे, इसकी जांच गठित समिति से कराई जा रही है। साथ ही दो डॉक्टरों डॉ. राघव अग्रवाल और डॉ. रामनिवास को नोटिस जारी किया गया है।