कैराना (मुजफ्फरनगर)। जमियत उलेमा-ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि चाहे हिंदू हो या मुसलमान जमियत उलेमा हमेशा धर्म से ऊपर उठकर मजलूमों की मदद करता है। हिंदु मुस्लिम कभी फसाद नहीं करते, चंद फिरकापरस्त ताकतें अपनी सियासत चमकाने के लिए दोनों को लड़ाती हैं।
गौरतलब है कि सितंबर 2013 में मुजफ्फरनगर-शामली में हुए सांप्रदायिक दंगों की आग में बेघर हुए परिवारों को बसाने के लिए कैराना विधायक चौधरी नाहिद हसन और उनकी माता तब्बसुम बेगम ने मरहूम सांसद चौधरी मुनव्वर हसन की याद में 20 बीघा जमीन दान में दी थी। जिस पर जमियत उलेमा-ए हिंद ने पीड़ित परिवारों के लिए बसायी गई जमियत कॉलोनी में 100 मकान बनवाए थे।
बृहस्पतिवार को जमियत उलेमा-ए हिंद के सदर मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने इन्हीं 100 मकानों की चाबियां दंगा पीड़ितों सौंपते हुए इनकी तरक्की की दुआ कराई। उन्होंने कहा कि जमियत हमेशा मजलूमों की मदद करने में आगे रहती है। कहा कि जमियत फसाद की निंदा करती है।
दो सात पहले दंगों के समय जिन लोगों पर जनून सवार था वो लोग अब पछता रहे होंगे। मुल्क की तरक्की अमन और प्यार मोहब्बत में है। मुल्क की तरक्की के लिए नेक इंसान बनकर प्यार का पैगाम दो तथा नफरत को जड़ से खत्म कर दो।
कहा कि केंद्र सरकार संघ के एजेंडे को लागू करने में लगी है। मुस्लिमों को आरक्षण दिलाने के नाम पर सपा नेताओं पर धोखा देने का आरोप लगाया। इसके अलावा उन्होंने औवेसी बंधुओं पर निशाना साधते हुए कहा कि भाषण में आग उगलने वाले अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होंगे।
उन्होंने दंगा पीड़ितों को 20 बीघा जमीन देने पर विधायक चौधरी नाहिद हसन व उनकी मां तब्बसुम बेगम की प्रशंसा की। इस अवसर पर विधायक चौधरी नाहिद हसन ने सभी का शुक्रिया अदा किया। कार्यक्रम में मुफ्ती मोहम्मद यूसुफ शामली, कारी नवाब, कारी आलमगीर, सइदुज्जमा जिला पंचायत सदस्य मुजफ्फरनगर, चौधरी इरशाद अली, मोहम्मद नसीम, मोहम्मद नवाब आदि उपस्थित रहे।