शामली। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में दो दिवसीय शैक्षिक निरीक्षण कार्यक्रम और विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ताओं ने कहा कि अंक ज्ञान और अक्षर ज्ञान सभी विद्यालय अपने स्तर पर देते हैं, लेकिन यदि शिक्षा के साथ संस्कार भी दिए जाए, तो बालकों की मनोदशा में बड़ा बदलाव किया जा सकता है।
मंगलवार को नगर के बुढ़ाना रोड स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर का दो दिवसीय शैक्षिक निरीक्षण एवं विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश शिशु शिक्षा समिति गाजियाबाद के मंत्री पंकज मित्तल और अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा कुरुक्षेत्र के संयोजक श्यामसुंदर जैन ने संयुक्त रूप से किया।
इस मौके पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश शिशु शिक्षा समिति के प्रदेश निरीक्षक नेत्रपाल सिंह ने बताया कि अंक ज्ञान व अक्षर ज्ञान सभी विद्यालय अपने स्तर पर देते रहे, लेकिन यदि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दिए जाए तो बालक-बालिकाओं की मनोदशा में बड़ा परिवर्तन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में समर्पण निधि का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। जिससे एकत्रित धनराशि गरीब, असहायों और अशिक्षितों की सेवा में भेजा जा रहा है।
कार्यक्रम 17 हजार एक रुपये का चैक शिशु भारती अध्यक्षा सना सैफी ने पंकज मित्तल, श्यामसुंदर जैन को सौंपा।
प्रदर्शनी में अनेक उपयोगी चार्ट व माडल बनाकर उनके उपयोग बताए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चल रहे सरस्वती शिशु मंदिरों में प्रदेश समिति गाजियाबाद द्वारा छह सरस्वती भी आदर्श विद्यालय की श्रेणी में रखा गया। प्रधानाचार्य प्रकाशवीर व्यवस्थापक विपुल मित्तल, नरेंद्र संगल, देवराज देवरा, दीपक गर्ग, रविंद्र कुमार संभाग निरीक्षक, सुधीर कुमार, सुनील रहे।