पीएमश्री प्राथमिक विद्यालय बनखंड़ी में परीक्षा के दौरान बोर्ड पर उतारा गया गणित का प्रश्नपत्र।
शामली। शासन सरकारी स्कूलों में प्राइवेट जैसी सुविधाएं देने के दावे करता है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। परिषदीय स्कूलों में 25 अगस्त से सत्रीय परीक्षा चल रही है। बृहस्पतिवार को किसी स्कूल में गणित तो किसी में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा चल रही थी। परीक्षा के दौरान स्कूलों में पहुंचकर पड़ताल की तो चौंकाने वाले मामले सामने आए। स्कूलों में बच्चों को प्रश्नपत्र के स्थान पर बोर्ड पर प्रश्नों को उतारा गया था। वहीं शिक्षकों की लापरवाही के चलते बच्चे भी किताबें खोलकर और एक दूसरे के पास पहुंचकर परीक्षा देते नजर आए।
n कन्या उच्च प्राथमिक कंपोजिट विद्यालय माजरा रोड शामली : विद्यालय में परीक्षा के दौरान देखने को मिला कि कक्षा छह के कमरे में गणित का पेपर बोर्ड पर उतारा गया था। वहीं कक्षा चार का गणित व सामाजिक विषय का पेपर भी बोर्ड पर उतार रखा था। कई बच्चे परीक्षा के बीच खड़े होकर घूम रहे थे। वहीं, दूसरे कमरे में किसी छात्र ने परीक्षा कॉपी के नीचे किताब रखी थी, तो एक छात्र अपने बराबर में किताब रखे था। हालांकि बच्चों को परीक्षा वाली काॅपियां दी गईं थीं।
n पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय बनखंडी नगर शामली : परीक्षा के समय लापरवाही कैमरे में कैद हुई। पहले ही कमरे में एक बेंच पर तीन छात्राएं खड़ी होकर आपस में कॉपियां देखकर परीक्षा देती नजर आईं। स्कूल में कक्षा छह और आठ का गणित का प्रश्न एक ही बोर्ड पर उतार रखा था। कमरे में एक बेंच पर तीन छात्राएं बिल्कुल पास बैठकर परीक्षा दे रही थी, जबकि शिक्षिका आराम से कुर्सी पर बैठी थीं। अगले कमरे में देखने को मिला कि छात्राएं एक जगह ही बैठकर किताब खोलते हुए प्रश्न हल कर रहीं थीं। छात्राओं से परीक्षा वाली कॉपियां न देते हुए आम दस रुपये वाली कॉपी में परीक्षा कराई जा रही थी। ड्यूटी पर तैनात शिक्षिका आराम से कुर्सी पर बैठी थीं। प्रधानाध्यापक सचिन भी कार्यालय में ऑनलाइन मीटिंग में लगे हुए थे।
n प्राथमिक विद्यालय नंबर एक नंदू प्रसाद : मुख्य गेट पर ताला लगवा रखा था। ताला खुलवाने के बाद कमरे में पहुंचकर देखा तो बच्चे बिना शिक्षक के ही बैठे हुए थे। प्रधानाध्यापक अनीता से परीक्षा के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्होंने परीक्षा पहले ही करा ली थी। जबकि परीक्षा समाप्त होने का समय 10.30 बजे तक था, लेकिन स्कूल में खानापूर्ति करते हुए परीक्षा 9.50 से पहले साधारण कॉपियों में ही करा ली गई।